माटी म उब्जे माटी म बाढ़े...छत्तीसगढ़ी गीत-

ग्राम-भेडिया, पोष्ट-भेडिया जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से राजकुमार पोया हमारे सीजीनेट सुनने वाले श्रोताओं को एक पारम्परिक गीत सुना रहे हैं:
माटी म उब्जे माटी म बाढ़े-
माटी म उब्जे माटी म बाढ़े-
माटी म मिलन होहिरे संगी-
माटी म मिलन होहीरे संगी...(170979) GT

Posted on: Jan 10, 2021. Tags: CG SONG VICTIMS REGISTER

बेरा पहाती अंगना मा मोरे...छत्तीसगढ़ी लोक गीत-

जिला-जांजगीर चापा (छत्तीसगढ़) से राधा जैसवाल छत्तीसगढ़ी लोक गीत
सुना रही हैं-
बेरा पहाती अंगना मा मोरे-
चिंव चिंव करें मोरे चिरैया-
आजी इहा हवंव कल चली जाहू-
जिहा रही मोर सैंया मोर सैंया-
खेली लेतिंव मैं बिचारी बाबुल की अंगना...(RM)

Posted on: Jan 09, 2021. Tags: CG SONG VICTIMS REGISTER

नचैया होते ता नचातेंव तोला रे...छत्तीसगढ़ी गीत-

जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से महेश कुमार सिधार छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहें हैं-
नचैया होते ता नचातेंव तोला रे-
गावैया होते ता गवातेंव रे-
रसैया होते ता रसातेंव रे-
रोवैया होते ता रोवातेंव रे...(181274)

Posted on: Jan 09, 2021. Tags: CG SONG SONG VICTIMS REGISTER

वनांचल स्वर: आदिवासियों के बीच कुसुम का वित्तीय महत्व...

ग्राम-चाहचढ, तहसील-भानुप्रतापुर, जिला-कांकेर (छतीसगढ़), से लच्छूराम सलाम कुसुम का पेड़ के बारे में जानकारी दे रहे हैं| कुसुम का पेड़ को साल में दो बार छ:-छ: माह के अंतराल पर उगाया जाता है| छ: महीने में तैयार हो जाने पर काटते हैं| बाज़ार में इसकी कीमत 420 रुपया प्रति किलो है| समय के साथ दाम भी बढ़ता है| गाँव में हर आदमी लगभग 15 पेड़ उगाते हैं, वनवासी अपने ही पेड़ों को काटते हैं| 2-3 क्विंटल का उत्पादन होता है|
संपर्क@7647070617. (185559) GT

Posted on: Jan 09, 2021. Tags: CG KANKER LACHHURAM SALAM VANANCHAL SWARA

आजा ना गोरी अब झन तरसा...छत्तीसगढ़ी गीत-

जिला-कोरबा (छत्तीसगढ़) से संजीव कुमार केवट और शिवांगी शारथी
छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहें हैं-
आजा ना गोरी अब झन तरसा-
तन मन बिग जाएँ जहुरिया-
ऐसे मया बरसा-
मन के पीरा तोर जानत रहंव बैहा रे-
मुंदे रैंबे आंखी तैंहा रे संगी आवत हंव मैं हा रे...(RM)

Posted on: Jan 08, 2021. Tags: CG SONG SONG VICTIMS REGISTER

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