आजा ना गोरी अब झन तरसा...छत्तीसगढ़ी गीत-
जिला-कोरबा (छत्तीसगढ़) से संजीव कुमार केवट और शिवांगी शारथी
छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहें हैं-
आजा ना गोरी अब झन तरसा-
तन मन बिग जाएँ जहुरिया-
ऐसे मया बरसा-
मन के पीरा तोर जानत रहंव बैहा रे-
मुंदे रैंबे आंखी तैंहा रे संगी आवत हंव मैं हा रे...(RM)
