इंसान अब इंसान नहीं रह गए, पशु से भी बदतर हो गए...गज़ल
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक गजल गीत सुना रहे हैं:
इंसान अब इंसान नहीं रह गए-
पशु से भी बदतर हो गए-
जब तक थे थोडा हैवानियत पर उतर गए-
पद और धन मद की गरिमा से-
आसमान को छू गए और जब गिरे तो
ख़ाक छानते रह गए...
Posted on: Feb 20, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
कौन गावं में लइका रोईस- कौन गावं में किसान...किसानों पर कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे हैं:
कौन गावं में लइका रोईस-
कौन गावं में किसान-
तमनार गावं में जम्मो रोईन-
कौन गरीब कौन किसान-
अलवा-जलवा मा खेत बेचाई-
जोन नई बेचीस लगिस अधिग्रहण-
तमनार गावं ला लगिस ग्रहण-
जम्मो के होगे हे अब मरन-
उर्रा धुर्रा खोजे बर लगे हे कहाँ हैं-
काजनी खोज-खाज के लग जाहि खनन...
Posted on: Feb 20, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
दाई के गोरसी टुडा परागे दाई के बेसनी के पैसा सिरागे...छत्तीसगढ़ी कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी छत्तीसगढ़ी भाषा में एक कविता सुना रहे है:
दाई के गोरसी टुडा परागे-
दाई के बेसनी के पैसा सिरागे-
कहाँ पाबो उकरा मुर्रा लाई-
ददा कहाँ पाई और मलाई...
Posted on: Feb 18, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
जंगल झाड बचाओ चलो जी दीदी...जंगल झाड गीत
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी जंगल झाड के ऊपर आधारित एक गीत सुना रहे है:
जंगल झाड बचाओ चलो जी दीदी-
चलो जी बहनी चलो जी ओजली-
चलो जी मितानिन-
जंगल झाड जाओ जी दीदी-
जंगल झाड जाई के-
लकड़ी जीटकल लोरी के आन ओ...
Posted on: Feb 17, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
मै अपने बचपन की यादो को कैसे भुला सकता हूँ...गजल
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी बचपन की यादों पर एक गजल सुना रहे हैं :
मै अपने बचपन की यादो को-
कैसे भुला सकता हूँ-
जिसे मैंने आँखों से देखा हूँ-
जिसे मैंने कानो से सुना हूँ-
उन यादो को मैंने दिल मे बसाया हूँ-
उन यादो को मै कैसे भुला सकता हूँ-
ये यादे मुझे सपनों मे जगाती है-
चुपचाप क्यों सोये हो-
अभी सोने का समय नही है-
उठो अब सोने का समय नही-
कुछ खास करने को है-
मंजिल तुम्हारे करीब है-
उसे जाने ना दो बेबस नही-
तो तुम करके तो दिखा दो-
तुम्हारे हाथो मै छोटी सी कलम है-
उसे तो चलने दो-
फिर तुम्हारे हाथो मे होगी सारी दुनिया-
उसे मिटने ना दो रहो-
ना रहो तुम ये उपकार तुम्हारा रहेगा...
