डरा सहमा सा बेटा है एक नन्हा सा...कविता-
बड़वानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार एक कविता सुना रहे हैं:
डरा सहमा सा बेटा है एक नन्हा सा-
पक्षी अपने पंखो दबा ली अपने घोसले में-
माँ उसकी आकर सिखाती है उड़ने की कला-
पर वह डरा डरा सा विश्वास नहीं है पंखो पर-
देती है माँ हौसला उसे कहती है कोशिश तो कर-
सुनकर नन्हा पक्षी बढ़ाता है एक कदम...(AR)
Posted on: Sep 23, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
जीवन की हर मुश्किल...अनमोल वचन-
ग्राम-मेंढारी, वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से सन्नू कुमार नेटी अनमोल वचन सुना रहे हैं:
जीवन की हर मुश्किल-
ट्रैफिक की लाल बत्ती की तरह हो थे-
यदि हम थोड़ा इन्तजार कर ले तो-
वह फिर हरी बत्ती हो जाथे... (AR)
Posted on: Sep 22, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
मजाकिया चुटकुले सुना रहें हैं...
बडवानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार सभी सीजीनेट सुननें वाले साथियों को मजाकिया चुटकुले सुना रहें हैं- सर्किट-भाई ओ बचपन का दोस्त आरेला हैं आज रात डिनर पे, मेरा सारा चैन कलेक्शन हमारे कमरे में छुपा दप ना प्लीज,... मुन्ना-क्यों तेरा दोस्त चोर हैं क्या,... सर्किट-नही सर वह अपने चैन पहचान लेगा,... सर-अकल बड़े की भैंस,... मुन्ना भाई-बोले पहले डेट ऑफ़ बर्थडे बता दू,... सर्किट-ये मामू तेरे को पापड़ और झाफड़ में फर्क नही पता हैं, तो खा के तो देख ले पता चल जायेगा,... भिखारी-दस रूपयें तो दे दो मैंने तीन दिनों से कुछ नही खाया हैं,... कंजूस-दस रुपयें दूंगा लेकिन पहले ये बता दो रुपयें खाना कहा मिलता हैं...RK
Posted on: Sep 20, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
कबीरदास, रहीम जैसे कवियों की एक दोहे...
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेन्द्र गंधर्व कबीरदास, रहीम जैसे कवियों की एक दोहे सुना रहें हैं:
“रहिमन ओछे नरन सो, बैर भली न प्रीत. काटे चाटे स्वान के, दोउ भाँती विपरीत.”
अर्थ:- बुरे लोगों से न तो दोस्ती अच्छी होती हैं, और न तो दुश्मनी. जैसे कुत्ता चाहे काटे या चाटे दोनों ही अच्छा नहीं होता ऐसे व्यक्ति अपने ही स्वार्थ की सोचता हैं. RK
Posted on: Sep 19, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
त्याग अपना कोई न जाना...कविता-
बड़वानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार कविता सुना रहे हैं:
खूब लिखा माँ की ममता पर-
दर्द पिता का रहा अंजाना-
माँ के आंसू सबने देखे-
त्याग अपना कोई न जाना... (AR)
