हाय रे हाय हाय जिन्दगी हर दिन चारी...कर्मा गीत-
ग्राम-देवरी, थाना, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कर्मा गीत सुना रहे हैं:
हाय रे हाय हाय जिन्दगी हर दिन चारी-
का कहय बहन अटारी जिन्दगी हर बड़ा भारी-
काकर बने भाई छींदे कर झाला जिन्दगी होगे दिन चारी-
काकर बने पका अटारी, जिन्दगी होगे दिन चारी-
किसान मजदूर कर बने, छींदकर झाला...
Posted on: Sep 26, 2018. Tags: CG KAILASH SINGH POYA KARMA SONG SURAJPUR SURGUJIHA VICTIMS REGISTER
बारह बजे मेला लगे, करितो पसीना छूटे... डोमकच गीत-
ग्राम-कोटया, विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक डोमकच गीत सुना रहे हैं :
बारह बजे मेला लगे, करितो पसीना छूटे-
बारह बजे मेला लगे, करितो पसीना छूटे-
चल काम ढेलुवा ला, नजारी चलालत-
चल काम घेलुवा ला, नजरी चला ले मैना...
Posted on: Sep 26, 2018. Tags: CG DOMKACH MEWALAL DEWANGAN SONG SURAJPUR SURGUJIHA VICTIMS REGISTER
लहू देकर की है जिसने गोंडवाना की हिफाजत...कविता-
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कविता सुना रहे हैं :
इतनी सी बात हवाओं को बताये रखना-
रोशनी होगी चिंगारो को जलाये रखना-
लहू देकर की है जिसने गोंडवाना की आजाद-
लहू देकर की है जिसने गोंडवाना की हिफाजत-
उस वीरांगना के दिखाये मार्ग पर जरुर चलना होगा...
Posted on: Sep 25, 2018. Tags: CG GONDWANA KAILASH SINGH POYA POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
एक गरीब किसान और बादल की कहानी...
एक गाँव में एक गरीब किसान रहता था, वह अपने खेत में प्रतिदिन हल चलाता था
बारिश नही होती थी, 4 साल से अकाल की स्थिति थी, फिर भी किसान हल चलाता रहता, किसान को ऐसा करते देख एक दिन बादल ने पूछा, पानी नही गिर रहा, अकाल पड़ा है, तो तुम हल क्यों चला रहे हो, किसान ने जवाब दिया, यदि मै ये काम छोड़ दिया तो वर्षा होने तक हल चलाना भूल जाऊंगा, ऐसा सुनकर बादल सोचा इतने समय तक मै नही बरसूंगा तो मै भी वर्षा करना भूल जाऊंगा फिर सारे बदल इक्कठा हुए और बारिस करने लगे| तात्पर्य ये है, हमें निरंतर अपने काम में लगे रहना चाहिए | दुर्गेश पटेल@7509265773
Posted on: Sep 23, 2018. Tags: CG DURGESH PATEL SONG STORY SURAJPUR VICTIMS REGISTER
ये तोला छूटे हेरे नईहर गांव कितर मा...कर्मा गीत-
चंदोरा, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सिंघासन पैकरा सरगुजिहा भाषा में एक कर्मा गीत सुना रहे हैं जो भादो के महीने में गाया जाता है :
ये तोला छूटे हेरे नईहर गांव कितर मा-
तोला छूटे-
कोन रा पोसे मैना अउ करना तोला छूटे-
ऐरे नईहर गाँव के कर्मा-
ऐ नजी तोला छूटे, हेरे नईहर गांव कितर मा...
