मन है तो तन है, वन ही जीवन है...

झारखंड के बोकारो से वासुदेव तुरी, खनन और कटते जंगल के कारण पर्यावरण के लगातार प्रदूषित होने पर चिंता जाहिर करते हुए एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
मन है तो तन है, वन ही जीवन है-
हे दादा दे दे धेयनवा, हे काकी दे दे धयनवा-
उजड़ल जाए रोज दिना बनवा-
मन हैं तो तन हैं...
झूरे-झारे मैना उड़े, डाली-डाली पड़इया-
पाते-पाते मोर नाचे, कूके है कोयलिया-
मन है तो तन है...
टूंगडी-टूंगडी हरियाली दिखे-
पहाड़-पर्वत-झरना बहे-
ये तो देखि के ही, मन माही मोहे-
मन हैं तो तन हैं...

Posted on: Jan 03, 2015. Tags: Basudev Turi SONG VICTIMS REGISTER

झारखंडे के धिया-पुता, ना करिहा अरमान रे...खोरठा भाषा में पलायन गीत

वासुदेव तुरी, बोकारो, झारखण्ड से रोजगार के अभाव में हो रहे पलायन पर खोरठा भाषा में एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
झारखंडे के धिया-पुता, ना करिहा अरमान रे-
मांड-भात खाहें दादा हवो हो विहान रे-
हमर झारखंडे काठ-कोयला, तावो हैं बेहाल रे-
मांड-भात खाहें दादा हवो हो विहान रे-
हमर झाiरखंडे हीरा-सोना औरो है मोती-
दूरी देशे जाहे दादा करे रोजी रोटी-
हिंयां के धिया-पूता कांधे झारे झार रे-
दुरी देशे जाहे दादा-
हमर देशे बड़ी जले, महँगी-महंगाई-
दुरी देशे जाके दादा ना होवो कमाई-
हिंयां के धिया -पूता, काँधे झारे-झार रे-
मांड-भात खाहें दादा हवो हो विहान रे

Posted on: Dec 31, 2014. Tags: SONG VICTIMS REGISTER Vasudev Turi

आज बिक रहा है इंसान, इस मजहबी दीवार की ओट में...

ग्राम-थकतला, विकासखंड-सोण्डवा, जिला-अलीराजपुर, मध्यप्रदेश से सूरज जमरा एक साथी मंगल सिंह से कविता रेकॉर्ड करा रहे है:
आज कट रहा है इंसान, इस मजहबी दीवार की ओट में-
आज बिक रहा है इंसान, इस मजहबी दीवार की ओट में-
कब टूटेगी यह दीवार मजहबी, कब बनेगी दीवार एकता की अजनबी-
अरे ! किसी का सिन्दूर मिट रहा है, इस मजहबी दीवार की ओट में-
अरे ! किसी का लाल तड़प रहा है, इस मजहबी दीवार की ओट में-
अरे कोई हिन्दू नहीं कटा, अरे कोई मुस्लिम नहीं कटा-
और न ही कटा कोई सिख या ईसाई, आज कट रहा है इंसान और सिर्फ इंसान-
इस मजहबी दीवार की ओट में-
कौन कहता है हम आज़ाद हो गए,अरे हम तो आज भी गुलाम बनें बैठे हैं-
इस मजहबी दीवार की ओट में, और राजनीति का यह नजारा भी देख लो-
आ जाते हैं हमारे नेता वोट मांगने-
इस मजहबी दीवार की ओट में...

Posted on: Dec 25, 2014. Tags: SONG Suraj Jamra VICTIMS REGISTER

70 worked for Govt in 07 still waiting for wages in Sukma district, Chhattisgarh...

Dilip Behera is visiting Patnaguda village of Jirampal Panchayat, Sukma district in Chhattisgarh and talking to Santosh Kawasi who says in Gondi that about 70 worked for road construction for 45 days in 2007. They’ve not received their wages. Appeals were made but progress has not been made.In a pond digging work 2 years back in same panchayat 50 had worked, some are also waiting for wages. You are requested to call CEO@9425582269, Collector@9424136900. Dilip@7587256298.

Posted on: Dec 25, 2014. Tags: CHHATTISGARH DILIP BEHERA SONG SUKMA VICTIMS REGISTER

आओ एक ऐसा मीडिया बनाएं,पढ़े-लिखे अनपढ़ को भी, सबकुछ समझ में आए...

सुनील कुमार, मुजफ्फरपुर, बिहार से मीडिया के लोकतंत्रीकरण की दिशा में प्रयास के लिए आह्वान कर रहे हैं:
आओ ! एक ऐसा मीडिया बनाएं-
पढ़े-लिखे अनपढ़ को भी, सबकुछ समझ में आए-
आओ...
कितने लोग पूरे देश में, फांक रहे हैं धूल-
सहमे-सहमे डरे हुए, मुरझा रहे हैं फूल-
धन वाले मीडिया में छाए हैं, ये सबकी भूल-
दबे-कुचले की आवाज उठाएं ! बेला है अनुकूल-
आओ...
अक्षम लोगों को भी उनका, हक हमको दिलवानी-
स्वच्छ जल, स्वास्थ-शिक्षा पर, हो सबकी निगरानी-
लोकतांत्रिक मीडिया में, अब ना हो कोई लाचारी-
कह दो दुनियावालों से, जनता है अब भारी-
आओ...

Posted on: Dec 24, 2014. Tags: SONG Sunil Muzaffarpur VICTIMS REGISTER

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