आओ एक ऐसा मीडिया बनाएं,पढ़े-लिखे अनपढ़ को भी, सबकुछ समझ में आए...
सुनील कुमार, मुजफ्फरपुर, बिहार से मीडिया के लोकतंत्रीकरण की दिशा में प्रयास के लिए आह्वान कर रहे हैं:
आओ ! एक ऐसा मीडिया बनाएं-
पढ़े-लिखे अनपढ़ को भी, सबकुछ समझ में आए-
आओ...
कितने लोग पूरे देश में, फांक रहे हैं धूल-
सहमे-सहमे डरे हुए, मुरझा रहे हैं फूल-
धन वाले मीडिया में छाए हैं, ये सबकी भूल-
दबे-कुचले की आवाज उठाएं ! बेला है अनुकूल-
आओ...
अक्षम लोगों को भी उनका, हक हमको दिलवानी-
स्वच्छ जल, स्वास्थ-शिक्षा पर, हो सबकी निगरानी-
लोकतांत्रिक मीडिया में, अब ना हो कोई लाचारी-
कह दो दुनियावालों से, जनता है अब भारी-
आओ...
