न रे सुअना घोंदरा ला छोंडी के कहाँ जाबो न...छत्तीसगढ़ी कविता
ग्राम-तमनार,जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे हैं:
न रे सुअना घोंदरा ला-
छोंडी के कहाँ जाबो न-
अपन घोंदरा के सुख ला-
सुघर जगह कहाँ पाबो न-
कोयला के खातिर भुइंया के-
पोटा पटी ला निकारी का रे सुअना...(AR)
Posted on: Apr 30, 2021. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH
निःस्वार्थ भाव से सेवा करना चाहिये...
राजनांद, छत्तीसगढ़ से विरेन्द्र गंधर्व हनुमान जयंती के शुभ अवसर पर संदेस दे रहे हैं, ये त्यौहार हर वर्ष बड़े धूमधाम से मनायी जाती है, इस जयंती पर यह बात सीखने की आवश्यकता है कि जिस तरह से हनुमान जी ने कभी श्रेय लेने के लिये काम नहीं किया और कभी श्रेय नहीं लिया| ठीक उसी तरह हमें भी निःस्वार्थ भाव से सेवा करनी चाहिये|
Posted on: Apr 27, 2021. Tags: CG RAJNANDGAON VIRENDRA GANDHRV
2013 में राशन कार्ड जमा करा लिया गया था, तब से दोबारा नहीं बना है...
शांति नगर, जिला-बीजापुर (छत्तीसगढ़) से सुरभि नेताम बता रही हैं, वे इससे पहले बुड़ीयायिक पाल में रहती थी| 2005 में सलवा जुडूम के समय शांति नगर में रहने के लिये आयी थी तब से वही रह रही हैं | सुरभि के पति का देहांत हो चुका है, अब उनके सामने अपने परिवार को पालने की जिम्मेदारी है| उनका कहना है 2013 में राशन कार्ड जमा करा लिया गया था तब से दोबारा नहीं बना है| कार्ड बनवाने के लिये कई बार आवेदन कर चुके हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है| परिवार को पालने में दिक्कत होती है| इसलिये वे सीजीनेट के सुनने वाले मित्रो से निवेदन कर रही हैं कि दिये नंबर पर संपर्क कर राशन कार्ड बनवाने में मदद करें: संपर्क नंबर@9424170916. (187754) (AR)
Posted on: Apr 27, 2021. Tags: BIJAPUR CG PDS PROBLEM SURABHI NETAM
एक गाँव में एक जंगल था...कहानी
रायपुर (छत्तीसगढ़) से अनमोल कुमार चंद्राकर एक कहानी सुना रहे हैं: एक गाँव में एक जंगल था लोग जंगल में घुमने जाया करते थे आगे का संदेश सुनने के लिये दिये नंबर 08050068000 पर मिस्ड कॉल करें |
Posted on: Apr 27, 2021. Tags: ANMOL KUMAR CHANDRAKAR CG RAIPUR STORY
मुखिया मुख सो चाहिये खान पान तो एक...दोहा-
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गंधर्व दोहा सुना रहे हैं:
मुखिया मुख सो चाहिये खान पान तो एक
पालये पोषये सकल अंग तुलसी सहित विवेक
मुखिया को मुह के समान होना चाहिये
जिस प्रकार मुह जो है खाता है और सारे अंगो को ओ दे देता है ताकि सारे अंगो का पालन पोषण हो सके और मजबूत बन सके| (AR)
