सरगुजा के भुइंया के माया महतारी ऐसन है रे... छत्तीसगढ़ी गीत
ग्राम-कोटया, विकासखंड- प्रतापपुर, जिला सूरजपुर (छत्तीसगढ़ ) से मेवालाल देवांगन एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं:
सरगुजा के भुइंया के माया महतारी ऐसन है रे-
तेला मै जोहरों घरी-घरी संगी-
माथे मुकुट सोहे राम गढ़े पर्वत-
जेयु गा गरहा दूनो बेनी तेला मै-
सरगुजा के भुइंया के माया महतारी ऐसन है रे....
Posted on: Jul 10, 2022. Tags: CG PRTAPPUR SONG SURAJPUR
का चोके संगे लेके काया चोचेनाव...हल्वी गीत-
ग्राम-कोटेया, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-प्रतापपुर (छत्तीसगढ़) से नेवालाल देवांगन सीजींनेट के श्रोताओं को छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं-
ते जवाब देबे टूरी मैं गावथ हवं ददरिया जवाब देबे-
आधी-आधी रतिया के कैसन बाजार एजे कोनी-
ह ठाड़े नदिया के पारते जवाब देबे ते जवाब देबे-
कैसे के आमा के डारो नि होरी हेबे रास्ता के रेंगाइया-
Posted on: Jul 01, 2022. Tags: CG CHHATTISGADHI PRATAPAPUR SONG SURAJPUR
बचपन से होगे हो सियान...गीत
ग्राम-देवरी, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश पोया एक गीत सुना रहें है:
बचपन से होगे हो सियान-
नाती पोती के आगे बिचार-
ये कोरोना महामारी-
दुनिया फेल गये अपार-
नाती पोती के आगे बिचार-
बचपन से होगे हो सियान...
Posted on: Jun 30, 2022. Tags: CG CG SONG PRTAPPUR SURAJPUR
हमारा जमीन को किसी ने दो भागो में करा दिया है, कृपया मदद करें-
ग्राम पंचायत-लखनकोट, जिला-अलीराजपुर (मध्यप्रदेश) से प्रदीप जी बता रहे हैं
उनका जमीन लखनकोट पेट्रोल पंप के सामने में स्थित हैं इसका सर्वे नंबर 33/1 व् 33/2 एक जमीन को दो भागों में बाटा दिया गया है| और उन्हें पता नहीं है| दो भागों में जमीन कैसे हुआ| इस जमीन को लेकर बहुत परेशान हैं, इसलिए सीजीनेट के सथियोसे मदद की अपील कर रहे हैं की दिए गयें नंबर पर बात कर के समस्या का समाधान कराने में मदद करें| अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर@8085902811.
Posted on: Jun 29, 2022. Tags: ALIRAJPUR LAIND MP PROBLEM
बारह बजे मेला लागे कारी तो पसीना छूटे...डोमकच गीत-
ग्राम-कोट्या, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक डोमकच गीत सुना रहें है:
बारह बजे मेला लागे कारी तो पसीना छूटे-
कारी तो पसीना छूटे चलत राम-
भेलवा ला नजरी नजरी चला ले सोना-
तोला मोला दोनों झन ला पसनी बलाले होले-
हाथे हथकड़ी लागे फिरे ले मुश्किलें-
बारह बजे मेला लागे कारी तो पसीना छूटे...
