माँ की हांथ की रोटी छीनी, जेल की रोटी खाई उन्हें हम क्या दे पाये...गीत-

ग्राम-बटाई, पोस्ट-रेवटी, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से दुर्गेश पटेल एक देश भक्ति गीत सुना रहे हैं :
माँ की हांथ की रोटी छीनी, जेल की रोटी खाई-
उन्हें हम क्या दे पाये-
उन्होंने लिखकर देदी अपनी जान, देश के लिये हुए कुर्बान-
माँ की हांथ की रोटी छीनी, जेल की रोटी खाई-
उन्हें हम क्या दे पाये-
उन्होंने लिखकर देदी अपनी जान, देश के लिये हुए कुर्बान...

Posted on: Mar 24, 2019. Tags: BALRAMPUR CG DURGESH PATEL SONG VICTIMS REGISTER

मेहनत और ईमानदारी से काम करने का परिणाम अच्छा होता है...कहानी-

बहुत समय की बात है, एक किसान का लड़का जंगल की ओर जा रहा था| रास्ते में उसे एक केकड़ा मिला जो उसे अपने साथ चलने के लिये कहता है| फिर दोनों साथ चलने लगते हैं| आगे घनघोर जंगल मिलता है| जंगल में सांप और कौआ रहते थे | जिनसे पूरा राज्य परेशान था| राजा ने घोषणा कर रखा थी, जो सांप और कौआ से छुटकारा दिलायेगा| उससे अपनी बेटी की शादी कर देंगे| किसान का लड़का आराम करने के लिये बैठा ही था कि सांप और कौआ हमला करने लगे| तभी केकड़ा उसे बचा लेता है| ये सब गाय चराने वाला देखता रहता है| उसके बाद लड़का आगे बढ़ता है, तो देखता है, राज्य में उत्सव हो रहा है, पूछने से पता चलता है, चरवाहा ने सांप और कौआ को मार दिया है इसलिये उससे राजकुमारी की शादी हो रही है| फिर लडके ने राजा को सारी बात बताई, फिर उसकी शादी राजकुमारी से हो गई| लेकिन उसे बिना काम किये रहना, खाना पसंद नहीं आया तो उसने खेत में काम करना शुरू किया | लोगो के पूछने पर उसने बताया सभी काम करेंगे तो राजा और राज्य की उन्नति होगी|

Posted on: Mar 20, 2019. Tags: BALRAMPUR CG DURGESH PATEL SONG STORY VICTIMS REGISTER

राम चले वन को माता हम भी चले जायेंगे...गीत-

ग्राम-बटई, पोस्ट-रेवटी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से दुर्गेश पटेल एक कविता सुना रहे हैं :
राम चले वन को माता हम भी चले जायेंगे-
भूख लगेगा बेटा तो खाना कैसे पायेंगे-
पैर नंगे, फल-फूल खाते चले जायेंगें-
राम चले वन को माता हम भी चले जायेंगे-
प्यास लगेगा बेटा तो पानी कहां पाओगे...

Posted on: Mar 19, 2019. Tags: CG DURGESH PATEL SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER

कोहरे की भरी सड़क पर बच्चे काम पर जा रहे हैं...कविता-

ग्राम-बटई, पोस्ट-रेवटी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से दुर्गेश पटेल एक कविता सुना रहे हैं :
कोहरे की भरी सड़क पर बच्चे काम पर जा रहे हैं-
सुबह-सुबह-
क्या अंतरिक्ष में गिर गई हैं, सारी गेंदे-
क्या दीमको ने खा लिया है सारी रंग बिरंगी किताबो को-
क्या काले पहाड़ के नीचे दब गये हैं सारे खिलौने-

Posted on: Mar 19, 2019. Tags: CG DURGESH PATEL POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER

संभल-संभल के सीरी, झरथे धरती ऊपर...कविता-

ग्राम-बटई, पोस्ट-रेवटी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से दुर्गेश पटेल एक कविता सुना रहे हैं :
संभल-संभल के सीरी, झरथे धरती ऊपर-
टपकात गिरे पसीना, माथा छूथे छापर-
ध्यान चलत है चारो कोती, छिप गे काम-
छवांगे खेती-
छुगत ले आंखी मा आगे-
पाँव परत है, एती पेती...

Posted on: Mar 19, 2019. Tags: CG DURGESH PATEL POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER

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