वनांचल स्वर : जंगल से मिलने वाले लाख, तेंदूपत्ता, महुआ से हम आदिवासी आय कमा सकते है...
ग्राम-खैरवाही, पंचायत-मयाना, तहसील-चारामा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से बस्तीराम नागवंशी के साथ में गाँव के साथी है जो जंगल से जो उत्पादन होता है उसके बारे में बता रहे है कि जंगल में लाख का, तेंदूपत्ता का, महुआ का उत्पादन होता है और तेंदुपत्ता का उपयोग बीड़ी बनाने में किया जाता है इसका सैकड़ा 120 रू में बिकता है और लाख का उत्पादन परसा में भी होता है लेकिन सबसे अच्छा कोशुम के पेड़ में होता है लाख का दाम 300-350 रू किलो बिकता है और उससे अच्छी आय भी कमा सकते है और महुआ का उपयोग दारू बनाने में किया जाता है, कुछ लोग उसको सरकारी समिति में भी बेच देते हैं. बस्तीराम नागवंशी@7440492017.
Posted on: Jan 08, 2018. Tags: BASTIRAM NAGWANSHI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
Vananchal Bultoo(Bluetooth) Radio from Kanker Chhattisgarh: 6th Jan 18...
Today Rakesh Kumar is presenting a Vananchal Bultoo Radio Program from North Bastar area of Chhattisgarh in Hindi language in this latest edition of Bultoo radio programs. Villagers use their mobile phones to record these songs and reports. They call 08050068000 to record. Now this program can be downloaded by people from their Gram Panchayat office if it has Broadband or from a download center nearby. They can also get it from someone nearby with smartphone and internet and then via Bluetooth.
Posted on: Jan 06, 2018. Tags: CHHATTISGARH RAKESH KUMAR SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : कौउहा और मदुरा के छाल के रस से घाव का इलाज -
सीजीनेट जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा आज ग्राम-हटका चारामा, ब्लाक-नरहरपुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां बाबूलाल नेटी की मुलाक़ात गांव के वैद्य से हुई है मनसा जी बता उन्हें रहे हैं किसी हथियार जैसे टंगिया या बसूला जिसका गाँव के लोग रोज़ अपने काम के लिए उपयोग करते हैं उससे कट जाने पर या किसी से भी चोट लगने पर कउहा की छाली या मदुरा की छाली को कुचल कर उसके रस को घाव पर 4 दिन तक लगातार लगाने से घाव ठीक हो सकता है, इसके लिए किसी दवाई की ज़रुरत नहीं है. इस तरह से वे बता रहे हैं कि वनो में निवास करने वाले आदिवासी अलग-अलग तरीके से वन की मदद से ही अपना इलाज करते आ रहे हैं |
Posted on: Jan 05, 2018. Tags: BABULAL NETI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
Vananchal Bultoo Radio from Kanker in Chhattisgarhi, Gondi : 4th Jan 18...
Today Uttam Atala and Sarla Shriwas are presenting a Vananchal Bultoo Radio Program from forest areas of Chhattisgarh in Chhattisgarhi and Gondi languages in this latest edition of Bultoo radio programs. Villagers use their mobile phones to record these songs and reports. They call 08050068000 to record. Now this program can be downloaded by people from their Gram Panchayat office if it has Broadband or from a download center nearby. They can also get it from someone nearby with smartphone and internet and then via Bluetooth.
Posted on: Jan 04, 2018. Tags: GONDI SONG UTTAM ATALA SARLA SHRIWAS VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर: ग्रामीण आदिवासी महिलाएं वनों से प्राप्त वस्तु से झाड़ू बनाती है कुछ उसे बेचती भी हैं...
सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा के साथी राकेश कुमार आज ग्राम-दमकसा, ब्लॉक दुर्गूकोंदल जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) में हैं वहां की एक बुजुर्ग महिला मंगली बाई गोंडी में बता रही हैं वे अपने लिए झाड़ू खुद बनाती हैं जिसके लिए सामग्री उन्हें वनों से सर्दी के मौसम में प्राप्त होता है. उन्होंने झाड़ू बनाने की कला अपने पूर्वजों से देखकर सीखी है और वे इस कला को सिखाती भी हैं अभी अपने द्वारा बनाये झाड़ू का उपयोग केवल अपने घर की सफाई करने के लिए करती हैं लेकिन उनके सांथी इससे रोजगार भी करते है इस तरह से ग्रामीण महिलाएं वनों से प्राप्त चीजों का उपयोग न केवल अपने दैनिक कार्यों में करते हैं बल्कि उसका रोजगार करने की भी कला रखते हैं...


