हम लोग नहीं छोडेंगे : एक आदिवासी बालक की कविता
हमारा राज्य अति सुन्दर
हमारा गांव अति सुन्दर
स्वर्ण से भी दुगुना
हम सब नहीं छोडेंगे
जीवन के अंतिम सांस तक लडेंगे
हमारे यहां सोना चांदी
हम लोग नहीं छोडेंगे
काम काज मेहनत से करेंगे
नदी के तराई में सुन्दर खेत
सोना रूपा की भांति नृत्य अखाडा
जंगल पहाड से समाया है
जब तक चांद सूरज रहेगा
हमारी लडाई चलता रहेगा
राजेन्द्र मुण्डा
Posted on: Nov 22, 2010. Tags: Rajendra Munda
श्री गुरु श्री गुरु श्री गुरु कहिए...गुरु भजन -
तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता एक भजन सुना रहे हैं :
श्री गुरु श्री गुरु श्री गुरु कहिए – जाही विधि राखे गुरु वाही विधि रहिये – मुख में श्री गुरु नाम गुरु सेवा हांथ में – तुम अकेले नही बंदे गुरु जी हैं साथ में – शाधु संग गुरु रंगे अंग अंग रंगी रे – जिन्दगी के डोर हों गुरु जी के हांथ में – महलों में राखे चाहे झोपडी में वास दे...
