हम लोग नहीं छोडेंगे : एक आदिवासी बालक की कविता
हमारा राज्य अति सुन्दर
हमारा गांव अति सुन्दर
स्वर्ण से भी दुगुना
हम सब नहीं छोडेंगे
जीवन के अंतिम सांस तक लडेंगे
हमारे यहां सोना चांदी
हम लोग नहीं छोडेंगे
काम काज मेहनत से करेंगे
नदी के तराई में सुन्दर खेत
सोना रूपा की भांति नृत्य अखाडा
जंगल पहाड से समाया है
जब तक चांद सूरज रहेगा
हमारी लडाई चलता रहेगा
राजेन्द्र मुण्डा
