अरे जंगल में चारों और पेड़-पेड़ हवे रे...चुटकुला-
अमोद सिंह, ग्राम पंचायत-जीर, पोस्ट-बैंदुल, थाना-माड़ा, तहसील-माड़ा, जिला-सिंगरौली (मध्यप्रदेश) से एक चुटकुला सुना रहे हैं:
अरे जंगल में चारों और पेड़-पेड़ हवे रे-
नदिया बहे हमरे गांव बैगा के लरिका सुवर
सामर मारे रे राजा के लरिका बाघ मारे-
जंगल मोर के बिना सोचे ले चोर-
सोने हैं बराते दारु खोर के बिना-
Posted on: Jun 07, 2022. Tags: INGRAUL JOKE MADA MP
हे सारे जै माँ हे सारे जै माँ...गीत
ग्राम-डोटमा, ब्लाक-जयजैपुर, जिला-जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़) से मनेद्रकुमार यादव गीत सुना रहे हैं:
हे शारदे माँ हे शारदे माँ अज्ञानता से हमें तार दे माँ-
तू स्वर की देवी हे संगीत तुझसे हर शब्द तेरा है हर-
तू स्वेत वर्णी कमल पे बिराजे, हाथों में वीणा मुकुट सर पे साजे-
मन से हमारे मिटा दे अंधेरे हमको उजालों का संसार दे माँ-
हे शारदे माँ हे शारदे माँ अज्ञानता से हमें तार दे माँ...
Posted on: Jun 07, 2022. Tags: CHAMPA JANJGIR JAYJAIPUR PREYER SONG
Impact : संदेश रिकॉर्ड कराने के बाद पैसा मिल गया...
ग्राम पंचायत-कंडोली, ब्लाक-बास्तानार, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र पोयाम बता रहे हैं मनरेगा के अंतर्गत पिछले साल काम किये थे उसका पैसा नहीं मिला था| कई बार शिकायत किये थे| लेकिन नहीं मिल रहा था| फिर उन्होंने सीजीनेट में संदेश रिकार्ड किया था। संदेश रिकार्ड करने के एक महीने के अंदर पैसा दिया गया। वे सीजीनेट के साथियों, जनप्रतिनिधि और अधिकारियों को धन्यवाद कह रहे हैं।
Posted on: Jun 07, 2022. Tags: BASTANAR BASTAR CG IMPACT
अब तक कोई देय राशि नहीं मिल पाया है विपिएन रियल स्टेट गोल्ड
ग्राम-गुरियापाल (स्कूलपारा),ब्लाक-बस्तानार, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से गागरु जी बता रहे हैं इनके पास एक व्यक्ति आए और विपिएन रियल स्टेट गोल्ड में ज्वाइन करवाया|इस कंपनी की और7 साल में 1लाख 20 हजार मिलेगा, किन्तु 7 किस्त में इनको 12-12 हजार रुपये देना होगा|अब समस्या यह है कि मैंने 2 किस्त इन्होंने पेमेंट कर दिया है और किस्त में 10 हजार 800 दिखा रहा है|इनको अब तक कोई देय राशि नहीं मिल पाया है|कृपया इनकी मदद करे|अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर पीड़ित@ 6267883370, @6379468416.
Posted on: Jun 07, 2022. Tags: BASTANAAR BASTAR CG COMPONY GAGRU GURIYAPAL INVESTMENT PROBLEM SCHOOLPARA
एक नगर में दो आदिवासी बालक रहते थे-कहानी
(मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार बड़वानी कहानी सुना रहे है |
एक नगर में दो आदिवासी बालक रहते थे |उन दो की बड़ी गहरी मित्रता थी | उन दोनों के नाम छोटू और अर्जुन थे |और उनके गाँव में सुंदर काका नामक व्यक्ति रहता था |सुंदर काका के बगीचे में बहुत सारे आम के पेड़ थे |छोटू और मोटू रोज वहां से गुजरते थे लेकिन आम तोड़ने का साहस नहीं होता था |एक दिन अर्जुन ने छोटू को कहा आज सुंदर काका नहीं है, आम खाने का बड़ा अच्छा मौका है |वे दोनों बगीचे पेड़ में गए और आम के पेड़ को पत्थर मारे, पत्थर पेड़ के नीचे खड़े सुंदर काका के सर में लग गया| और वे दोनों भागने लगे लेकिन रखवाले ने उन दोनों को पकड़ लिया और सुंदर काका के पास ले गए |दोनों बहुत डरे हुए थे | रखवाले ने कहा आज्ञा हो तो इन दोनों के हड्डी पसली तोड़ दू |सुंदर काका बोले इन दोनों का मन आम खाने का था, इन्हें मरने का नहीं |गलती से मुझे पत्थर लग गया तो दोनों का क्या दोष, छोड़ दो |बोले बेटा जब भी आम खाने का मन करे तो आम खाने आ जाना | इस घटना के बाद कभी भी छोटू और मोटू चोरी के आम नहीं खाते थे| जब भी मन होता सुंदर काका से मांग लेते थे |
