सीजीनेट वालों साथियों को मेरा नमस्कार है...एक गीत

ग्राम-लतियार, थाना-पनवार, जिला-रीवां, मध्यप्रदेश से राजेंद्र प्रसाद सीजीनेट पर एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
सीजीनेट वालों साथियों को मेरा नमस्कार है
सीजीनेट वालों को सबको मेरा नमस्कार है
हम गरीबों की, यही सुनी पुकार है
सीजीनेट ने ही, गरीबों की सुनी पुकार है
हम साथियों की, यही सुनी पुकार है
मेरा सबको नमस्कार है...
हम गरीबों के साथ में, रहने की जगह नहीं है
और रहने की ठीक से, व्यवस्था नहीं हो रही है
सीजीनेट वालों साथियों को, यही मेरा नमस्कार है
की वो मेरा काम जल्दी, पूरा कर सुनाएं
हम गरीब आदिवासियों, को आगे बढ़ाएं
यही मेरी पुकार है...
सीजीनेट वालों साथियो को, मेरा नमस्कार...

Posted on: Dec 15, 2014. Tags: Rajendra Prasad SONG VICTIMS REGISTER

तू जिन्दा है तो जिंदगी की, जीत पर यकीन कर...

ग्राम-खरगवारा, विकासखंड-मोंहदवानी, तहसील-शेखपुरा, जिला-डिंडोरी, (म.प्र.) से राजेंद्र श्याम जी एक प्रेरणा गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
तू जिन्दा है तो जिंदगी की, जीत पर यकीन कर-
अगर कहीं है स्वर्ग तो, उतार लो जमीन पर-
तू जिन्दा है...
ये गम और चार दिन, सितम के और चार दिन-
ये दिन भी गुजर जाएंगे, गुजर गए हजार दिन-
कभी तो होगी इस चमन में, बहार की नजर-
अगर कहीं है स्वर्ग तो, उतार ला जमीन पर-
तू जिन्दा है...
हजार वेश धरके नो पे, आयी तेरे द्वार पर-
मगर तुम्हें न छल सकी, चली गई उधरकर-
नयी सुबह की संसदा, मिली तुझे नई उमर-
अगर कहीं है स्वर्ग तो, उतार ला जमीन पर-
तू जिन्दा है...

Posted on: Dec 03, 2014. Tags: Rajendra Shaiyam SONG VICTIMS REGISTER

अपनी कमाई से, अपनी सफाई से, जीवन तेरा खिलता है...प्रेरक गीत

ग्राम-चौबेल, ब्लॉक-भानुप्रतापपुर, जिला कांकेर,छत्तीसगढ़ से राजेंद्र खत्री जी एक प्रेरक गीत प्रस्तुत कर रही हैं. गीत में मनुष्य को स्वावलंबन की ओर अग्रसर होने की बात कही जा रही है :
अपनी कमाई से, अपनी सफाई से-
जीवन तेरा खिलता है, जीवन तेरा महकता है-
पग-पग आते रोड़े-कांटे-
फिर भी रुकता नहीं, तो आगे बढ़ता है-
अपनी कमाई से,अपनी सफाई से-
पल-पल आते, आंधी-तूफ़ान-
फिर भी रुकता नहीं, तो आगे बढ़ता है-
अपनी कमाई से अपनी सफाई से...

Posted on: Nov 29, 2014. Tags: Rajendra Khatri SONG VICTIMS REGISTER

रात काहे रोये रे ललन मा, सुबेरे गुनगुन मा मंगइबे...छत्तीसगढ़ से लोकगीत

राजेन्द्र चंदेल, ग्राम-टिकुरीटोला, तहसील-भरतपुर, जिला-कोरिया, छत्तीसगढ़ से लोक गायिका ललिता कुशवाहा के एक गीत की रिकॉर्डिंग कर रहे हैं. गीत में माँ अपने नवजात बच्चे को लोकधुनों पर आधारित लोरी के माध्यम से बहला रही है कि रात में मत रो, चुप हो जाओ, सुबह खिलौना मंगा दूंगी...
रात काहे रोये रे ललन मा
सुबेरे गुनगुन मा मंगइबे
गुन मा मंगइबे गुनगुन मा मंगइबे
रात काहे रोये...
ससुरे मा होती, तो सासू से कहती
मइके मा, अम्मा से लजानी
सुबेरे गुनगुन...
ससुरे मा होती तो, जेठी से कहती
मइके मा, चाची से लजानी
सुबेरे गुनगुन...
ससुरे मा होती तो, ननदी से कहती
मइके मा, भाभी से लजानी
सुबेरे गुनगुन...
ससुरे मा होती तो, छोटी से कहती
मइके मा, बहिनी से लजानी
सुबेरे गुनगुन मा मंगइबे
रात काहे रोये रे ललन मा
सुबेरे गुनगुन मा मंगइबे...

Posted on: Nov 17, 2014. Tags: Rajendra Chandel SONG VICTIMS REGISTER

100 of us worked in NREGA 4 months back, no wages till now, pls call officer...

Rajendra Saiyam is visiting Khargawara village (and panchayat) of Dindori district in Madhya Pradesh where he is talking to Ram Ratan Saiyam who tells him that 100 of them worked 4 months back under NREGA but are still waiting for wages. They complained to Sarapanch and secretary but they give only assurance but there are no wages. You are requested call collector@9425163426 to help these adivasi people.Rajendra Shaiyam@9424632296

Posted on: Sep 25, 2014. Tags: NREGA RAJENDRA SAIYAM SONG VICTIMS REGISTER

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