मैना पडकी बारी धरी कबुत्तर छानी उप्पर...छत्तीसगढ़ी कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैया लाल पडियारी छत्तीसगढ़ी भाषा में एक कविता सुना रहे हैं :
मैना पडकी बारी धरी कबुत्तर छानी उप्पर-
जंगल मा मोर नाचे दिखे अडबड सुग्घर-
कौआ करे काँव-काँव कोयल कुहके कूहु-कूहु-
तीतुर खोजे आपन छाँव देख तो गा दाऊ बडकु-
सुआ हर पिंजडा में डोला थे मिट्ठू-मिट्ठू दे थय पतूरु-
बड़े भौजी बोला थे कुकरी ला बड़े भौजी कहथे कुरु-कुरु...
Posted on: Aug 31, 2018. Tags: CG CHHATTISGARHI KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
बेटी ओ बेटी ओ तैय मोर कोरा के बेटी, तोला 10 महीना पेट मा धर...बेटी पर छत्तीसगढ़ी कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी बेटी के उपर एक कविता सुना रहे हैं: मोर कोरा के बेटी-
बेटी ओ बेटी तैय मोर कोरा के बेटी-
तोला 10 महीना पेट मा धर-
तोला जन्म दे के बेटी मैं हा दुसर जन्म पाए ओं-
मोर कोरा मा धरी के तोला-
मोरच गोरस पियाए ओं-
छोटे ले बड़े करके तोला-
स्कूल कालेज भेजवाए हो ...
Posted on: Aug 30, 2018. Tags: CG CHHATTISGARHI CHILD GIRL KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
चिलम के धुआं को उड़ने दो, लोगो को खांस-खांस कर परेशान होने दो...व्यंग्य रचना-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक व्यंग्य रचना सुना रहे है :
चिलम के धुआं को उड़ने दो-
लोगो को खांस-खांस कर परेशान होने दो-
बीडी की धुआ को निकलने दो-
भले ही नाक को खरखराने दो-
दारु की ढक्कन को खुला रहने दो-
लोगो को समय से पहले जाने दो...
Posted on: Aug 21, 2018. Tags: CHHATTISGARH KANHIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
भूख लगने पर जो भी खाने को मिले अच्छी लगती है...कहानी-
एक दस वर्ष का बच्चा बीमार पड़ा तो उसके पिता ने उसे चिकित्सालय में भर्ती कराया, तब वो फल के अलावा कुछ भी नही खाता था, एक दिन उसे गांव जाना पड़ा तो उसने पड़ोसी को फल और कुछ पैसे देकर बच्चे का देख-रेख करने को कहा और चला गया, पडोसी ने सोचा इसे दूसरा भोजन देंगे तो कैसे नही खाएगा और दाल चावल खाने में दिया, बच्चे ने नही खाया, शाम के समय उसने चिकित्सक से कहा बच्चा तो कुछ भी नही खा रहा, चिकित्सक ने कहा ठीक हो जाएगा, उसके बाद रात को बच्चे को भूख लगी, जिस पर पडोसी ने खाने को कुछ नही दिया, तो बच्चे ने वही दाल चावल खाया, फिर वह भूख लगने पर जो भी मिले खा लेता, इससे सीख मिलती है, भूख लगने पर जो भी खाने को मिले अच्छी लगती है |
कन्हैयालाल पडियारी@ 9522110855.
Posted on: Aug 19, 2018. Tags: CHHATTISGARH KANHIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER
नेताओं की गोद में खेल रहा भारत महान...व्यंग्य कविता
कन्हैयालाल पड़ीयारी, ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से एक राजनैतिक व्यंग्य कविता सुना रहे हैं :
नेताओं की गोद में खेल रहा भारत महान-
जनता मूर्ख देख कर भी कर रहा उनका सम्मान-
खून की होली खेल रहे हो रहा कत्लेआम-
चीर हरण हो रहे यहाँ देखो खुले आम ....
