सो रही थी नन्ही सी जान, दुबक बीच के अन्दर...कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
सो रही थी नन्ही सी जान, दुबक बीच के अन्दर
पडी धरती मै ही, जाग उठी उसके अन्दर
खूब भीगी नहाई फूली, आ गई वो बाहर
पली बढ़ी जवान हुई, दिखने लगी वह सुन्दर
कलि बनी फूल बना, फुला फला एक सुन्दर
एक बीज आया एक बीज अपना जैसा , डाली उसके अंधार ...
Posted on: May 22, 2019. Tags: CG CHHATTISGARH KANHAIYALAL PADIYARI POEM SONG VICTIMS REGISTER
नन्द के नंदा, आन्नद कंदा, बलमुकुन्दा है जगदम्बा,है जगदम्बा...एक व्यंग
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक व्यंग सुना रहे हैं:
नन्द के नंदा, आन्नद कंदा,
बलमुकुन्दा है जगदम्बा,है जगदम्बा,
जब जब बढ़ा शरती का भर,
तुमने लिया अवतार,
कड़ी काल का हुआ विस्तार,
तुम कब लोगे अवतार,
माता पिता को पुत दे रहा दुत्कार
Posted on: May 21, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
ये दुनिया हा एक दिन उजड़ जही का...कविता
ग्राम-तमनार,जिला-रायगढ़ ( छत्तीसगढ़) से कन्हैया लाल पडियारी एक कविता सुना रहे हैं:
उजड़ जही का रे संगी उजड़ जही का-
ये दुनिया हा एक दिन उजड़ जही का-
उठ जही का रे संगी उठ जही का-
या गाँव गंवई हा एक दिन उठ जही का-
लुट जही का रे संगी लुट जही का-
जम्मो के खेत खार एक दिन लुट जही का...
Posted on: May 21, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
अब नही चलत हेछोटे ले टुटे गे मोर जंगार...गीत
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ ( छत्तीसगढ़) से कन्हैया लाल पडियारी एक गीत सुना रहा है:
ना रे सुआ न न रे मैना-
कैसन करि बचाबो परान-
जम्मो कोती चकै-चके खेती खारी होगे-
अब नही चलत हेछोटे ले टुटे गे मोर जंगार-
मंगाई मरत हावे करत है खांव-खांव...
Posted on: May 21, 2019. Tags: CG KANHAIYA LAL RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
पानी सब्बो पी-पी के तरिया हर अटागे...कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हीयालाल पडियारी एक कविता सुना रहा है:
घाम अइसन घुप के आगी कस जुरथे-
लाल-लाल आँखी ले धुप हा घुरथे-
और ओकर कड़के ले बता काम हा ठनागे-
पानी सब्बो पी-पी के तरिया हर अटागे-
और नवा असन सूप असन पसीना हर झरथे-
चोटी के तवाल कसन भुइयां हर जरथे...
