आना ओ बईठ ले, आना ओ बईठ ले...छत्तीसगढ़ी गीत-
ग्राम-सिंगपुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से हेमसिंह मरकाम एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं :
आना ओ बईठ ले, आना ओ बईठ ले-
आये रानी तै पानी भरे ओ-
आगू बढ़ेला तोर बाप ला डरे ओ-
दुनिया के मोला नहीये फिकर ओ-
दगा झन देबे मोला-मोला-
आना ओ बईठ ले, आना ओ बईठ ले...
Posted on: Jun 09, 2019. Tags: CG HEMSINGH MARKAM KABIRDHAM SONG VICTIMS REGISTER
मन समर्पित तन समर्पित और यह जीवन समर्पित...कविता-
ग्राम-सिंगपुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से ओमकार मरकाम एक कविता सुना रहे हैं :
मन समर्पित तन समर्पित और यह जीवन समर्पित-
चाहता हूँ देश की धरती तुझे कुछ और भी दूँ-
माँ तुम्हारा ऋण बहुत है, मै अंकिचन-
किन्तु इतना कर रहा फिर भी निवेदन-
थाल मै लाऊं सजाकर भाल जब-
कर दया स्वीकार लेना वह समर्पण...
Posted on: Jun 08, 2019. Tags: CG KABIRDHAM OMKAR MARKAM POEM SONG VICTIMS REGISTER
भेडिया और शहीद बकरी...कहानी-
हरे भरे पहाड़ पर बकरिया जब चरने जाती थी| तो उसमे से एक बकरी हमेशा कम हो जाती थी| भेडिये की इस हरकत से तंग आकार चरवाहे ने वहां बकरियां चराना बंद कर दिया| बकरियों ने मौत के डर से बाड़े में रहकर चरना उचित समझा | लेकिन उसमे से एक बकरी को बाड़े में कैद रहना पसंद नहीं आया| उसने सोचा अत्याचारी से कब तक बचा जा सकता है| भेड़िया किसी दिन पहाड़ी से उतरकर बाड़े में भी कूद सकता है| साथियों ने उसे समझाने का प्रयास किया| लेकिन वह मौका पाकर पहाड़ी पर चली गई| और भेडिये को खोजने लगी| काफी समय बाद उसे भेड़िया शिकार के लिये आता दिखा| वह समझ गई| उसे क्या करना है|
Posted on: Jun 08, 2019. Tags: CG KABIRDHAM OMKAR MARKAM SONG STORY VICTIMS REGISTER
मान मेरा कहना नहीं तू पछतायेगा...कविता-
ग्राम-सिंघपुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से हेमसिंह मरकाम एक कविता सुना रहे हैं :
मान मेरा कहना नहीं तू पछतायेगा-
मिट्टी का खिलौना है, मिट्टी में मिल जायेगा-
मात पिता तेरे खुद मै कभी न-
विपदा परे-परे कोई न किसी का-
एक दिन हंसा अकेला उड़ जायेगा-
मिट्टी का खिलौना तो मिट्टी में मिल जायेगा...
Posted on: Jun 08, 2019. Tags: CG HEMSINGH MARKAM KABIRDHAM POEM SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : गैस की समस्या का घरेलू उपचार-
ग्राम-घोंघा, थाना-बोडला, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से भगतराम लांजित गैस की समस्या का घरेलू उपचार बता रहे हैं | मसूर दाल 100 ग्राम और 30 ग्राम अजवाईन दोनों को अलग-अलग भून लेना है| दोनों को कूटकर पीस लें| उसके बाद हल्का सेंधा नमक मिला लें| अलसी के तेल में मिलाकर छोटी-छोटी गोली बना लें| सुबह-शाम लगातार सेवन करने से आराम हो सकता है| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : भगतराम लांजित@7389964276.
