गोटुल में मिलकर हम समस्या निपटाते थे, पारम्परिक नेताओं की मदद से उसको पुनर्जीवित करना है...

ग्राम पचायत-पाड़ेंगा, ब्लॉक-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से मोहन यादव के साथ रैनुराम सलाम गोटुल के बारे में बता रहे है: पहले गोटुल की प्रथा थी पूरे गावं के लोगों के लिए एक मंच था गावं में जो भी समस्या होती थी वहां गाँव के सभी लोग उस गोटुल में बैठ कर समस्या का समधान करते थे | लेकिन आज पहले जैसे गोटुल नहीं रहे, गोटुल का पहले जैसा संस्कृति रीति रिवाज की जो प्रथा थी वो धीरे-धीरे लुप्त होते जा रही है आज हमे लगता है हम पढ़े लिखे हो गये हैं. जरूरत है कि हम अपनी मूल संस्कृति को गोटुल में बैठ कर चर्चा करे, जिससे हमारी भाषा संस्कृति की सुरक्षा बनी रहे | इसलिए अभी गाँव के पारम्परिक नेता जैसे पटेल, गुनिया, मांझी ये सभी मिल कर अभी गोटुल प्रथा को बचाने का प्रयास कर रहे हैं...

Posted on: Aug 31, 2018. Tags: CG GOTUL KANKER KOELIBEDA MOHAN YADAV SONG VICTIMS REGISTER

सु साय रे रे रे लयों रे रे रेला रेला रेला सु साय...गोंडी शादी गीत...

ग्राम पंचायत-पाढेगा, तहसील-पखांजूर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़ ) से रानो वड्डे के साथ गाँव की ग्रामीण महिलाएं है जो आदिवासी शादी में गाये जाने वाला गीत सुना रहे हैं:
सु साय रे रे रे लयों रे रे रेला रेला रेला सु साय-
रे रे रे लयों रे रे रेला रेला रेला येलो सु साय-
जाति बाति पेकोड येलो सु साय येलो जाति बाति
पेकोड येलो सु साय-
सु साय जाति कन्या पेकोड येलो सु साय
जाति कन्या पेकोड येलो सु साय...

Posted on: Aug 31, 2018. Tags: CG GONDI KANKER MARRIAGE PAKHANJUR RANO WADDE SONG

हमारे गाँव का नाम ताडवैली कैसे पड़ा: एक गाँव की कहानी ( गोंडी भाषा में )

सीजीनेट जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा आज ग्राम पंचायत-ताडवैली, ब्लॉक-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां मोहन यादव की मुलाक़ात गाँव के बुज़ुर्ग कन्ना राम वड्डे से हुई है जो उन्हें गोंडी भाषा में उनके ताडवैली गाँव के नाम की कहानी बता रहे हैं कि उनके गाँव का यह नाम कैसे पड़ा: वे बता रहे हैं ये गाँव राजा समय का गाव है परालकोट परगना में एक राजा रहते थे- राजा की मदद से यहाँ पर बड़ा सा तालाब बना जिसे गोंडी में तड़ाई
कहते हैं फिर उसके बाद इसलिए इस गाँव का नाम ताडवैली पड़ा- इसी प्रकार यहां के पेड़ पौधो- व्यक्ति या जानवर आदि पर गाँवों के नाम रखे गए हैं जिनके बारे में गाँव के बुज़ुर्ग ही जानते हैं

Posted on: Aug 31, 2018. Tags: CG GONDI KANKER KOELIBEDA MOHAN YADAV STORY

री-री लो री री लोयो, दादा झेला आझी रोय दादा ले...गोंडी गीत

ग्राम-पाड़ेंगा, तहसील-पखांजूर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से मानकोबाई, गीता उसेण्डी, नगेबाई जनेबाई और सोनीबाई गोंडी भाषा में एक गीत सुना रहे है:
री-री लोयो री-री लोयो हेला-
दादा झेला आझी रोय दादा ले-
री री लोयो री री लो-
काड़ी इन्जोरे येलो ले-
मुने दुनियां ता पाटा-
काड़ी इन्जोरे येलो ले-
मुने दुनिया ता पाटा-
आदे पाटा ये ओइ हलेन...

Posted on: Aug 31, 2018. Tags: CG GONDI KANKER PAKHANJUR RANO WADDE SONG

हे माँ श्रद्धा के जोत जले, पूजा में फूल चढ़े...भक्ति गीत

ग्राम-हिन्दू बिनापाल, तहसील-अंतागढ, जिला उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से सारिका ध्रुव और रिंकी एक भक्ति गीत सुना रहे हैं :
हे माँ श्रद्धा के जोत जले,पूजा में फूल चढ़े-
इस जगत में पापी है कितने-
सबको गले से लगा आ-आ-
आरती होने लगी-
हे माँ श्रद्धा के जोत जले, पूजा में फूल चढ़े-
हंस के सवारी, सबको है न्यारी-
हाथो में वीणा धरे ऐ-ऐ-
पूजा में फूल चढ़े...

Posted on: Aug 31, 2018. Tags: ANTAGARH CG KANKER NILAWATI WADDE SONG VICTIMS REGISTER

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