गौना-गौना सुनत रहलि, गौन नही ओउके अईले...भोजपुरी विवाह गीत -
प्रियांशी प्रिया साथ में उषा देवी मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से एक भोजपुरी में शादी गीत सुना रही है :
गौना-गौना सुनत रहलि-
गौन नही ओउके अईले-
की आगे माई सपना में देखलिना-
पिया है नादान, हम है सैयान-
गवनवा कैसे जाए मोहराम-
बिच बो में शंकर चुरिया-
तीन हो में धेनु हो गय्या-
की आगे माई दुधवा पियाके ना...
Posted on: Aug 28, 2017. Tags: PRIYANSHI PRIYA SONG VICTIMS REGISTER
ये बिकते हैं वो बिकते हैं,तक्षक के कमान बिक जाते हैं...कविता -
ग्राम-रजवाड़ा, थाना-साहेबगंज, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से विजय प्रकाश लोकप्रिय एक स्वरचित कविता सुना रहे हैं :
ये बिकते हैं वो बिकते हैं,तक्षक के कमान बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते पूरे हिंदुस्तान बिक जाते हैं-
आन बिकते हैं मन बिकते हैं मानव का सम्मान बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते यहाँ तो इंसान बिक जाते हैं-
मंदिर बिकते हैं,मस्जिद बिकते हैं, उसमे स्थित भगवान् बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते साधू,भगवान बिक जाते हैं-
प्राण बिकते हैं निशान बिकते है किसी गरीबों का कत्लेआम बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते मानवता का प्रमाण बिक जाते हैं-
शान बिकते हैं सम्मान बिकते है,बेचने वाले क्या नहीं बेचते-
इंसानियत का फरमान बिक जाते हैं-
धन बिकते हैं तन बिकते हैं सोने का खान बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते देश का आर्थिक लगान बिक जाते हैं-
अमीन बिकते हैं,जमीन बिकते हैं,खया की गिरेबान बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते गरीबों का दालान बिक जाते हैं-
मन बिकते हैं,तन बिकते हैं ,गरीबों का शरन बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते धोबी का चाँद बिक जाते हैं-
मांग बिकते हैं समांग बिकते हैं राजगद्दी का टांग बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते जनता का अरमान बिक जाते हैं-
ये बिकते हैं वो बिकते हैं,गद्दारों के ईमान बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचतेहैवानो से हिंदुस्तान बिक जाते हैं-
Posted on: May 14, 2017. Tags: SONG VICTIMS REGISTER Vijay Kumar Lokpriya
जब तक रोटी के प्रश्नों पर रखा रहेगा भारी पत्थर...कविता
पारु, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार प्रिय एक कविता सुना रहे है:
जब तक रोटी के प्रश्नों पर रखा रहेगा भारी पत्थर-
खाओ मत कोई सजाना तुम मेरे गली में-
अगर कभी जो आना तुम धानो की बालियों में-
टपका हुआ पसीना ओस तो इसके बुँदे मोती है या नगीना...
Posted on: Feb 17, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR PRIYA VICTIMS REGISTER
ऐ मालिक तेरे बंदे हम, ऐसे हो हमारे करम...प्रेरणा गीत
सुप्रिया, रागिनी, खुशी,खुशबू, सारिका, आँचल मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर बिहार से एक गीत सुना रही हैं:
ऐ मालिक तेरे बंदे हम, ऐसे हो हमारे करम-
नेकी पर चले और वदी से टले-
ताकि हंसते हुए निकले दम-
बड़ा कमजोर हैं आदमी-
अभी लाखों हैं इसमें कमी-
पर तू जो खड़ा हैं दयालु बड़ा-
तेरी कृपा से धरती थमी-
हैं तेरी रौशनी में जो दम-
तू अमावश को कर दे
पूनम नेकी पर चले...
ये अंधेरा घना छा रहा-
तेरा इंसान घबरा रहा-
हो रहा बेखबर ,कुछ न आता नजर-
सुख का सूरज छिपा जा रहा है तेरी रौशनी....
जब जुल्मों का हो सामना-
तब तू ही हमे थामना-
वो बुराई करे हम भलाई करें-
नहीं बदले की हो कामना-
बढ़ उठे प्यार का ये भरम-
और मिटे बैर का ये भरम...
Posted on: Sep 22, 2016. Tags: SONG SUPRIYA MUZAFFARPUR VICTIMS REGISTER
ओडा के दानदा रे दोहारे के दा...संथाली गीत
जिला साहेबगंज, (झारखण्ड) से प्रियशीला बेसरा संथाली भाषा में एक गीत सुना रही हैं:
ओडा के दानदा रे दोहारे के दा-
दोहरे बेहट पचरी बिना के दा-
ओंदो मा बालो तेमा-
बचानेमा कार्यो लेना दोहा दारे...


