रेला-रेला, रेला-रेला, रेला-रेला...गोंडी विवाह गीत-

नगर पंचायत-भामरागड, जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से कविता, ताराबाई एक गोंडी विवाह गीत सुना रहे है :
रेला-रेला, रेला-रेला, रेला-रेला-
मावा नाटे बाड़ी वातीन सांगो-
येता फुला उन्दा वातीन सांगो मावा नाटे-
रेला-रेला, रेला-रेला, रेला-रेला...

Posted on: May 16, 2020. Tags: BHAMRAGADH GADHCHIROLI MH GONDI SONG KAVITA TARABAI

छोटे-छोटे कदम हमारे आगे बढ़ते जायेंगे...कविता-

ग्राम पंचायत-असुरा, विकासखण्ड-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से स्कूल की छात्रा कविता एक बाल कविता सुना रही हैं :

छोटे-छोटे कदम हमारे आगे बढ़ते जायेंगे- पढ़ना कभी न छोड़ेंगे, हर दम पढ़ने जायेंगे- छोटे-छोटे हांथ हमारे, गड्ढ़े खूब बनायेंगे- इस गड्ढ़े में अच्छे सुन्दर पौधे खूब लगायेंगे...

Posted on: Sep 23, 2018. Tags: CG KAVITA POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER

हे ते नाना मोर नानो रे, नानी न मोर नान हो...गोंडी पूजा गीत-

ग्राम-तोडहुर, तहसील-पखांजूर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से कविता कोरचा, सुस्मय कतलामी और सुंदरी दुग्गा एक गोंडी गीत सुना रहे हैं ये गीत पूजा के समय गाया जाता है :
हे ते नाना मोर नानो रे, नानी न मोर नान हो-
ती नाना मोर नानो रे, न नीना मोर नान-
दंतेश्वरी दाई ला काईन पूजा लागे हो-
दंतेश्वरी दाई ला दया दरकर लागे हो-
दंतेश्वरी दाई ला जोड़ा नरियर लागे-
सारुक लागे हो, साथ में तो नारियल दारु सेवा कारूक लागे...

Posted on: Aug 26, 2018. Tags: CHHATTISGARH GONDI SONG KANKER KAVITA KORCHA SONG VICTIMS REGISTER

हम महिला स्व सहायता समूह में प्रति माह 10 रू जमा करते हैं और उसको 2% माह ब्याज में देते हैं...

ग्राम-बेंदोरा, ब्लाक-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखण्ड) से कविता देवी इग्नासुस एक्का से बात कर रही हैं वे एक महिला स्व सहायता समूह उपवनफूल वाजिका सखी मंडल की सदस्य हैं, उनके समूह का एक कार्य साप्ताहिक 10 रुपए बचत करना है जो सभी सदस्य जमा करते हैं, और उसी पैसे से आवश्यकता पड़ने पर लोगो की मदद करना हैं, वे लोगो को उनके बुरे वक्त जैसे स्वास्थ्य खराब होने या किसी आपात कालीन स्थिति में मदद मांगने पर पैसे देते है, उसके एक महीने बाद प्रति 100 रुपए में 2 रुपए सेवा कर लगाकर वापस ले लेते हैं, इस प्रकार से उनको कुछ आय भी हो जाती है और लोगो की मदद भी हो जाती है | अभी तक उन्होंने इस जमा पैसे का और कोई उपयोग नहीं किया है जो भविष्य में करना चाहेंगे

Posted on: Jul 26, 2018. Tags: KAVITA DEVI SONG VICTIMS REGISTER

घने-घने वन कितने हैं, पर्वत कितने विशाल...कविता-

ग्राम-देवरी, पोस्ट+थाना-चंदोरा, तहसील+ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश पोया एक कविता सुना रहे है:
घने-घने वन कितने हैं, पर्वत कितने विशाल-
बड़ी बड़ी यहां नदिया है, बड़ी-बड़ी यहां का खदान-
यह अपने हैं, न बन जओं धनवान-
विध्याचल पर्वत माला सतपुड़ा है, सीना तान-
नर्मदा की बहती धारा गोद वर्धा के गाने-
संपदा अपनी है यही हमारी शान...

Posted on: Jul 15, 2018. Tags: KAILASH SINGH POYA KAVITA SONG VICTIMS REGISTER

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