Vananchal Swara Bultoo(Bluetooth) Radio in Chhattisgarhi: 6th Dec 2017...
Today Sarla Srivas and Babulal Neti are presenting Bultoo Radio in Chhattisgarhi language in this latest edition with stories from forest areas in Kanker district of Chhattisgarh. Villagers use their mobile phones to record these songs and reports. They call 08050068000 to record. Now this program can be downloaded by people from their Gram Panchayat office if it has Broadband or from a download center nearby. They can also get it from someone nearby with smartphone and internet and then via Bluetooth.
Posted on: Dec 06, 2017. Tags: BABULAL NETI SARLA SHRIWAS SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : नीम के औषधीय गुण और उपयोग-
ग्राम-तडहू, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से बलीराम कतलामी नीम के औषधीय गुणो के बारे में बता रहे हैं, नीम बहुत तरह की बीमारी दूर करने में सहायक होता है, इसके छाल से साबुन बनता है, इसे दातुन के लिए भी उपयोग में लाया जाता है, उनका कहना है दातून करते समय नीम का रस हमारे शरीर में चला जाता है, जिससे जहरीले जीवो के काटने पर कम असर होता है, नीम के पत्ते को गर्म कर नहाने के लिए उपयोग में लाया जा सकता है, ऐसा करने से शरीर के फोड़ा फुंसी में लाभ मिलता है, उसका गर्म पानी पी भी सकते हैं, इस तरह से नीम का अलग- अलग तरह से प्रयोग हम सभी अपने अच्छे स्वास्थ्य के लिए कर सकते हैं : अमर मरावी@9754684672.
Posted on: Nov 30, 2017. Tags: AMAR MARAVI BALIRAM KATALAMI CHHATTISGARH HEALTH KANKER SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : पीपल के पत्ते और मिश्री से पीलिया बीमारी का घरेलू उपचार-
ग्राम-रौचन, पोस्ट-राजा नवागाँव, तहसील-बोडला, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से खेलनराम साहू बता रहे हैं, आज के समय में बिगड़ते संतुलन और भोज्य पदार्थो में खाद और दवाओं के उपयोग के कारण कई बीमारियां हो जाती है, जिसमे से एक है, पीलिया, इस बीमारी में शरीर पीला पड़ने लगता है और शरीर में खून की कमी हो जाती है, कमजोरी आती है, इस समस्या से बचने के लिए पीपल के 5 पत्ते लेकर मिश्री के सांथ पीसकर दवा बनाकर दिन में दो बार पांच दिन तक लगातार सेवन करने से आराम मिल सकता है, अधिक जानकारी कर लिए दिए नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@7566279950.
Posted on: Nov 30, 2017. Tags: HEALTH KABIRDHAM CHHATTISGARH KHELANRAM SAHU SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : सदाबहार या सदपुष्पा के पौधे के औषधीय गुण-
जिला-टीकमगढ़, बुन्देलखंड (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय सदपुष्पा के पौधे के औषधीय गुण बता रहे हैं, सद्पुष्पा को सदाबहार के नाम से भी जानते हैं, इसकी पत्ती छोटी-छोटी होती है, इसके फूल पूजा में उपयोग किये जाते हैं, जिन व्यक्तियों को डायबटीज की समस्या है वे 5 पत्ती सुबह खाली पेट सेवन करें उसके बाद पानी पी लें, इससे हाई ब्लड प्रेसर, में भी राहत मिल सकता है, इसके अलावा जिन्हें नीद नही आती अनिद्रा होती है, शाम के समय 5 पत्ती सेवन करने से लाभ हो सकता है, अधिक जानकारी के लिए इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@9424759941.
