एक था बेसहारा उसका नही कोई किनारा...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैलाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं जिसका शीर्षक है किस्मत ने पल्टा खाया :
एक था बेसहारा उसका नही कोई किनारा-
उसका साथ था कटोरा, दिनभर फिरता मारा-मारा-
लोगो ने उसको दु तकारा फिर वह हिम्मत ना हारा-
किस्मत ने पलटा खाया, उसने एक सिक्का पाया-
उसकी उसने चना बिसाया, आधा बेचा आधा खाया-
उसने खूब मुनाफा कमाया, फिर उसने अपना घर बसाया...
Posted on: Sep 26, 2018. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
पर्वतो के गोद से निकलकर मैं नदी नाला बन जाती हूँ...प्रकृति कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी प्रकृति पर एक कविता सुना रहे हैं :
पर्वतो के गोद से निकलकर मै नदी नाला बन जाती हूँ-
आसमान से धरती पर गिर कर मैं पानी कहलाती हूँ-
इतनी उचाई से गिरकर भी मै शुद्ध स्वच्छ रहती हूँ-
चट्टान को भी काटकर अपनी राह बना लेती हूँ-
टेढ़ी मेढ़ी बहकर भी मै बड़ी भोली भाली हूँ-
सबकी प्यास बुझकर भी मै गंदगी कहलाती हूं...
Posted on: Sep 26, 2018. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
ये कैसा खिलौना है, जो छूते ही टूट गया...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
ये कैसा खिलौना है, जो छूते ही टूट गया-
दिल में जो अरमान था, पल भर में मिट गया-
आँखों के सामने मेरी माँ चल बसी, देखते-देखते चिता जल गई-
धुंआ उठा एक पल के लिए और फिजा में बिखर गई-
दिल की तमन्ना दिल में रह गई, मेरी माँ मेरे से बहुत दूर चली गई-
आँखों के आगे अँधेरा छा गया-
आंसू पोछने वाला भी कोई ना रहा...
Posted on: Sep 25, 2018. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
मन से मन को मिलाईये तो मन मंदिर हो...गीत-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक गीत सुना रहे हैं, जिसका शीर्षक है मन ही मंदिर :
मन ही मंदिर मन ही पूजा, मन से बड़ा ना कोय-
मन से मन को मिलाईये तो मन मंदिर हो-
मन ही ब्राम्हा, मन ही विष्णू, मन ही सदा शिव हो-
मन ही आकाश, मन ही पताल, मन ही नक्षत्र हो-
मन ही लक्ष्मी, मन ही दुर्गा, मन ही सरस्वती हो-
मन से मन को मिलाईये तो मन मंदिर हो...
Posted on: Sep 24, 2018. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
सच्चाई को दीमक चाट गया, झूठा करे यहां राज...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी आज की समसामयिक परिस्थिति पर एक कविता सुना रहे हैं :
सच्चाई को दीमक चाट गया, झूठा करे यहां राज-
झूठों का पोल खुल गया, फिर भी नही आती उनको लाज-
शर्म हया को ताक में रखकर, करते है काम काज-
समाज के आँखों में धूल झोककर, नही जानता अपना समाज-
अपने ही आन बान में जो मस्त हो, उन्हें समाज से क्या लेना देना-
जो दुनिया को ठोकर मारता हो, वही तो लूट लेता है खजाना...
