वनांचल स्वर : बांस की लकड़ी और सन की रस्सी से बना कांवड़ आदिवासी का पिक अप वैन है...
सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा आज ग्राम-अमोड़ी, ब्लाक-अंतागढ़, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां से बाबूलाल नेटी गाँव के रामप्रसाद जी से कांवड़ बनाने के बारे में बात कर रहे है वे बता रहे हैं कि कांवड़ को बांस की लकड़ी और सन की रस्सी से बनाया जाता है और उसके बीच में टोकनी रखी जाती है और वो गाँव के लोगों के बहुत काम में आता है जैसे इसकी मदद से मिटटी, पत्थर, अनाज ये सब लम्बी दूरी तक इसमें ढो सकते है और इसको महिला पुरुष दोनों इस्तेमाल में ला सकते है यह व्यक्ति की क्षमता पर निर्भर है पर इसमें 40-50 किलोग्राम तक सामान आराम से ढो सकते है आदिवासी इलाकों में ग्रामीण अक्सर इसको बाजार भी लेकर जाते है. बाबूलाल नेटी@9713997981.
Posted on: Dec 15, 2017. Tags: RAMPRASAD ANTAGADH SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर: कोसा की खेती से किसान एक एकड़ में प्रति माह 20 हज़ार रू तक कमा सकते हैं...
सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा आज शहीद वीरनारायण श्रद्धांजलि मेला राजाराव पठार, जिला-बालोद (छत्तीसगढ़) में है वहां से बाबूलाल नेटी चोवाराम निषाद के साथ बात कर रहे हैं जो बता रहे है वे ग्राम-सददो, तहसील-तिल्दा जिला-रायपुर छत्तीसगढ़ के निवासी हैं वे रेशम का काम करते हैं रेशम के कीट को कौहे के पेड़ में पाला जाता है इसी से वे अपना जीवन यापन करते हैं दूसरी जगह नही जाना पड़ता है वे कह रहे हैं कोसा बहुत उपयोगी चीज है इससे चमकदार साड़ी और कई कपड़े बनते हैं एक एकड़ में 20 हजार रूपए तक मासिक कमा सकते हैं कोसे की खेती करने के लिए रेशम कार्यालय आमापारा रायपुर में इसका बीज प्राप्त कर सकते हैं | आप इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर इसे व्यवसाय के रूप में अपना सकते हैं
Posted on: Dec 12, 2017. Tags: BABULAL NETI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : दश्मुर जड़ी से शक्ति वर्धक दवा -
ग्राम-निगिनाला, जिला-धमतरी (छत्तीसगढ़) से श्रवण कुमार गोटा दश्मुर के बारे में बता रहे है कि दश्मुर कई प्रकार के दवाई बनाने के काम आता है और इसको शक्ति वर्धक कहा जाता है जैसे माताओं में प्रसव के दौरान जो शारीरिक कमजोरी होती है उस दौरान इसका रस निकालकर बहुत से औषधि मिलाकर पिलाया जाये तो उससे शारीरिक शक्ति बढ़ जाती है और जो कमजोरी है वो पूरा हो जाता है | इससे कई दवाई बनता है जैसे दशमूलारिष्ट भी बनता है और शरीर को मोटापा लाने का भी काम करता है| अगर इसका पूरा डोज लेना है तो एक माह तक सेवन करना पड़ता है उससे आराम भी मिलता है | ये जंगलो में पाया जाता है काला मिटटी में रहता है | इसका जड़ लगभग फुट के अंतराल में चारो तरफ घेरा डालकर रहता है | संपर्क@8224845803.
Posted on: Dec 12, 2017. Tags: SHRAVAN KUMAR GOTA SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : शरीर में कमजोरी का पाताल कुमडा फल से उपचार -
बिसाऊराम सोडी ग्राम-सिधवान नयापारा, तहसील-केशकाल, जिला-कोंडागाँव के रहने वाले है वे बता रहे हैं कि पाताल कुमडा शरीर में सुस्तपन, कमजोरी, खून कमी, पेशाब में जलन, कोता में जलन, सफ़ेद पानी इन सब के लिए बहुत अच्छा दवाई है| इसको काटकर पीस बनाकर सुखाते है आधा छाँव आधा धूप में सुखा के बढ़िया उसका पाउडर बनाके सुबह शाम गरम कुनकुना पानी में ले सकते है या दूध के साथ ले सकते है उससे बढ़िया आराम मिलता है और इसको जनवरी से फ़रवरी के बीच में खोदना चाहिए। मई जून में खोदने से इसकी शक्ति कम हो जाती है. ये जंगल में ज्यादा मिलता है और गाँव में बहुत कम मिलता है और ये पुरे छत्तीसगढ़ में मिलता है लेकिन बस्तर इलाका में ज्यादा मिलता है. बस्तीराम@8989851979.
Posted on: Dec 12, 2017. Tags: BISAURAM SODI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : नीम की पत्ती से बुखार का इलाज -
सीजीनेट जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा आज ग्राम पंचायत-कराठी, ब्लाक-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां बाबूलाल नेटी की मुलाक़ात ग्रामवासी सोमनाथ दुग्गा के सांथ हुई है वे उन्हें नीम की पत्ती से बुखार का इलाज बता रहे हैं वे बता रहे हैं नीम की पत्ती बहुत उपयोगी वस्तु है उसको पानी के साथ उबालकर खाली पेट में सुबह शाम लेने से बुखार में आराम मिल सकता है उनका सुझाव है कि बच्चे आधा गिलास और बड़े एक गिलास तीन दिन तक लगातार ले, सामान्य बुखार और मलेरियेया में भी इसका उपयोग कर सकते हैं इस तरह हमारे अधिकतर रोगों का इलाज़ हमारे आसपास पाए जाने वाले वनस्पतियों से मिल सकता है.अधिक जानकारी के लिए इस नंबर में संपर्क कर सकते हैं: सोमनाथ दुग्गा@9407975847.





