छोटे-छोटे भवन स्वच्छ अतिवृष्टि में नहर आते हैं...कविता-
ग्राम-बटई, पोस्ट-रेवटी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से दुर्गेश पटेल ग्रामीण जीवन के बारे में कविता के माध्यम से बता रहे हैं:
छोटे-छोटे भवन स्वच्छ अतिवृष्टि में नहर आते हैं-
रत्न गणित प्रसादो से बढाकर पाते हैं-
वट पीपल की शीतल छईयां, फैली कैसी है चारो ओर-
बीच गांव सुंदर गान सुनाते, नृत्य कहीं दिखलाते मोर-
शांति पूर्ण लघु ग्राम बड़ा ही सुखमय होता है भाई-
देखो नगरो से भी बढ़कर इनकी शोभा है अधिकाई...
Posted on: Mar 05, 2019. Tags: CG DURGESH PATREL POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
दे देबे गुराइन सोना मुह से बाढ़ा...गीत-
ग्राम-रामगढ़, पोस्ट-बिहारपुर, चांदनी, तहसील-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से राम सुरेन्द्र सिंह पंडो एक गीत सुना रहे हैं| इस गीत को आदिवासी समुदाय में सर्प के कटाने पर जहर को शरीर से निकालने के गाते हैं:
दे देबे गुराइन सोना मुह से बाढ़ा-
केला सकेला जान-
कहां के बीका सकेले रे चेला-
कहां के बीका न हो...
Posted on: Mar 05, 2019. Tags: CG RAM SURENDRA PANDO SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
रुचा रुचा रे साथी बोले, मंदरु पहारे बसा काटे...गीत-
ग्राम-धुमाडांड, पोस्ट-गोविंदपुर, थाना-चंदोरा, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से शिव बालक सिंह श्यामले एक कर्मा गीत सुना रहे हैं:
रुचा रुचा रे साथी बोले-
मंदरु पहारे बसा काटे-
रुचा रुचा रे साथी बोले-
कोंदू पहारे बासा काटे...
Posted on: Mar 04, 2019. Tags: CG PRATAPPUR SHIVBALAK SINGH SHYAMALE SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
ओ कृष्णा काले मुरलिया वाले...गीत-
ग्राम-बटई, पोस्ट-रेवटी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से दुर्गेश पटेल एक गीत सुना रहे हैं:
ओ कृष्णा काले मुरलिया वाले-
तू खेलन वाले तू प्यारा नंदलाल है-
उसको कहती मै वन गोपाल है-
हो मुरारी, गिरीवर धारी-
सुरतिया प्यारी बड़ी तू कमाल है-
बड़ी मुकुट सिर पर है ताने...
Posted on: Mar 04, 2019. Tags: CG DURGESH PATEL SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
सोला माटी कोड़ी-कोड़ी बंधवा बंधा लो रे, येलो माटी कोड़ी-कोड़ी...डोमकच्छ गीत-
ग्राम-डिज़ावल, विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से ललमनिया और सुनीता एक डोमकच्छ गीत सुना रहे हैं:
सोला माटी कोड़ी-कोड़ी बंधवा बंधा लो रे-
येलो माटी कोड़ी-कोड़ी-
बंधवा बंधत रे, हीरो जैसे चले डक डुबक अषाढ़-
सोला माटी कोड़ी-कोड़ी बंधवा बंधावे रे-
लाल माटी कोड़ी-कोड़ी...
