मोर मोहरी ला तै ले गये रे बाबू...गीत-
ग्राम-तमनार,जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता एक गीत सुना रहे हैं :
मोर मोहरी ला तै ले गये रे बाबू – मोर जुनव ला ले गये-
मोर कनिहा हर ढ़ीलंग हो गये बाबू-
मोर मोहरी ला तै ले गए रे बाबू – मोर जुनव ला ले गये-
मोर कनिहा हर ढ़ीलंग हो गये बाबू...
Posted on: Aug 16, 2019. Tags: CG RAIGARH RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
लहरों ने लूट लिया हमारे आन बान...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
लहरों ने लूट लिया हमारे आन बान-
लहरों ने ही लूट लिया हमारे ऊँची शान-
लहरों ने ही लूट लिया हमारे अमूल्य जान-
कहीं अति कहीं सूखा, कहीं असमान खुला-खुला-
कही जल मग्न हो, लोगों को यह खा भूखा-
जूझ रहे कुदरत के कहर, गरीब अमीर बुद्धि जीवी भी...
Posted on: Aug 09, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
जाति प्रमाण पत्र नहीं बन रहा है, आवेदन पर सुनवाई नहीं होती...मदद की अपील-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से सौरा समाज के महासचीव उग्रसेन बता रहे हैं| हम लोग 30 मई 2018 को व्यापक धरना प्रदर्शन किये, जिसमे यह मांग की गई| कि क्यों आदिवासी सौरा समाज का जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाया जा रहा है| जिसके कारण इस समाज के बच्चो का दाखिला स्कूलों में नहीं हो पा रहा है | इसके लिए 2002 से संघर्ष जारी है| राज्यपाल को भी आवेनद दिये हैं| अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते हैं| इसलिए सीजीनेट के सभी साथियों से निवेदन है कि अधिकारियों से बात कर जाति प्रमाण पत्र बनवाने में मदद करें : पटवारी@8305164333, कलेक्टर@0776222203. संपर्क नंबर@9993891275.
Posted on: Aug 06, 2019. Tags: CG PROBLEM RAIGARH RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
तोला बंदो ओ दाई तोला बंदो ओ... देवी वंदना-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक देवी वंदना सुना रहे हैं :
तोला बंदो ओ दाई तोला बंदो ओ-
तमनार के काली बन्दिन तोला बंदो ओ-
करिया पटिया चढ़ के आबे गाव भर मा किंदरबे ओ-
दुःख दण्ड ला दूर भगाबे लई क मन ला रखबे ओ-
जरिया के झरिया गोसाईन तोला बंदो ओ-
रात के पूजा पाबे दाई, गांव बर ला रखबे ओ...
Posted on: Aug 02, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
सुवा मैना कैसन अपने बोली बोलथे...बाल कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक बाल कविता सुना रहे हैं :
सुवा मैना कैसन अपने बोली बोलथे-
उलवा-उलवा डार पान देखो कैसन डोलथे-
महुवा और आमा हर महुआ कुची आवथे-
सेमर हर फुलथे, अउ परसा लालिआवथे-
सरसों मा पियर-पियर फूल घलो आवत हे-
बसंत के जादू भुईया भुइया मनला ललचावथे...
