दुनिया में है सबसे भईया, प्यारी अपनी झांसी...
बंटी, ग्राम-दुर्गापुर, जिला-झांसी, (उप्र) से झांसी के ऊपर एक गीत सुना रहे हैं.-
जोई अपुन को है वो काबा, जेई अपुन की काशी
दुनिया में है सबसे भईया, प्यारी अपनी झांसी
सावन भादो गीत सुनावे, कोयल पपीहा मोर
रात समीरा मन को भावे, नोनी लागे भोर
हिलमिल रावे मिलजुल खावे, मठा महेरी बासी
दुनिया में है सबसे भईया, प्यारी अपनी झांसी
ताल-तलैया बाग़-बगीचा, की है जी भरमार
सकरी गलियन में फैले हैं, छोटे-बड़े बाज़ार
इतै फिरंगी पार न पाए, पटके मूड़ हज़ार
नहीं डराने अंग्रेज़न से, चढ़े सैकड़न फांसी
दुनिया में है सबसे भईया, प्यारी अपनी झांसी
जोई अपुन को है वो काबा, अरे जेई अपुन की काशी
दुनिया में है सबसे भईया, प्यारी अपनी झांसी
Posted on: Aug 25, 2014. Tags: SONG VICTIMS REGISTER banti jhansi
श्रमिक मेरे प्रकृति पिता...
श्रमिक तुम रंग-प्रकृति मेरे सुंदर पिता
कल-कल से कितना गहरा खन-खन
स्वांस खींचते राग-बाण तिहारे
स्वांस टूटते तान-तुंग तिहारे
कितने भावुक सरल हृदय, किंतु
वज्र तोड़ते कितने विकराल,
हे, श्रमिक तुम रंग-प्रकृति मेरे सुंदर पिता .
गगन-धरा को एक से करते
ऊंचे-ऊंचे महले गढ़ते
चढ़ शीर्ष महल की शिखा से
तुम दिखते कितने बौने पिता.
तब राग तिहारे हम सुन नहीं पावें
तब तान तुम्हारे पहुँच न पावें
तब तुम कितने हारे हे प्रकृति पिता
तब तुम कितने बौने मेरे प्रकृति पिता
Posted on: May 01, 2014. Tags: Sanjeev Mazdoor Jha
बहुत याद करते हैं शहीदो को हम...
बहुत याद करते हैं शहीदो को हम
बीरो ने साहस का उठाया कदम
खातिर वतन के सर हैं कटाये,
सदा देश भक्ति के गीत गुनगुनाये
वीरोँ ने खाई थी माँ कि कसम
शहीदो कि यादोँ को नहीं हम हैं भूले,
गोलियो को झेला फांसी पे झूले
साहस वीरो कि हुई थी न कम
Posted on: Feb 04, 2014. Tags: Bunty Jhansi
17 Old Adivasis not getting pensions, Please help them by calling officials...
Majhi Mundri from Chhota Balia panchayat Bopai in Khutpani block of West Singhbhum district in Jharkhand says from 2012 seventeen people in the village were getting old age pension but that has got stopped. They have complained to officials but they are not helping.You are requested to call officials at 9470156252 and 9955423934 to help these old adivasi people. For more Majhi Ji can be reached at 9006787389
Posted on: Feb 01, 2014. Tags: Majhi Mundri
कलियुग बैठा मार कुडंली में जाऊं तो कहाँ जाऊं...
ग्राम- दुर्गापुर, जिला- झांसी से बंटी प्रसाद जी एक भजन गा रहे हैं-
कलियुग बैठा मार कुडंली में जाऊं तो कहाँ जाऊं
अब हर घर में रावण बैठा इतने राम कहाँ से लाऊं ।
दशरथ कौशिल्या जैसे मात -पिता अब भी मिल जाएं
पर राम सा पुत्र मिले ना जो आज्ञा ले बन जाए
भरत, लखन से भाई को मैं ढूढ़ कहाँ से अब लाऊं ।
जिसे समझते हो अपना तुम, जड़ें खोदता आज वही
रामयण कि बातें जैसे लगती हैं सपना कोई ।
तब थी दासी एक मंथरा आज वही घर-घर पाऊँ
