दुनिया में है सबसे भईया, प्यारी अपनी झांसी...
बंटी, ग्राम-दुर्गापुर, जिला-झांसी, (उप्र) से झांसी के ऊपर एक गीत सुना रहे हैं.-
जोई अपुन को है वो काबा, जेई अपुन की काशी
दुनिया में है सबसे भईया, प्यारी अपनी झांसी
सावन भादो गीत सुनावे, कोयल पपीहा मोर
रात समीरा मन को भावे, नोनी लागे भोर
हिलमिल रावे मिलजुल खावे, मठा महेरी बासी
दुनिया में है सबसे भईया, प्यारी अपनी झांसी
ताल-तलैया बाग़-बगीचा, की है जी भरमार
सकरी गलियन में फैले हैं, छोटे-बड़े बाज़ार
इतै फिरंगी पार न पाए, पटके मूड़ हज़ार
नहीं डराने अंग्रेज़न से, चढ़े सैकड़न फांसी
दुनिया में है सबसे भईया, प्यारी अपनी झांसी
जोई अपुन को है वो काबा, अरे जेई अपुन की काशी
दुनिया में है सबसे भईया, प्यारी अपनी झांसी
