दूसरो का बुरा करने से खुद को नुकसान हो सकता है...कहानी-
एक बार ब्रम्हा जी ने सभी को अपना-अपना घर बनाने का तरीका बताने को एक सभा बुलाया| चिडियों में केवल उढेला पक्षी सभा में शामिल हुआ| उसने घर बनाने के तरीका जाना| सभा समाप्त करते समय ब्रम्हा जी ने कहा जो नहीं आ पाये हैं| उन्हें आप लोग बता देना| सभी ने अपने समुदाय को घर बनाने का तरीका बताया| लेकिन उढेला पक्षी ने पक्षियों को गलत तरीके से घर बनाने का तरीका बताया| जिसके कारण सभी बारिस में भीगते रहे और उढेला पक्षी आराम से जीवन व्यतीत कर रहा था| उसी दौरान ब्रम्हा जी के मन में आया| चलकर देखा जाय| तो देखा कि केवल उढेला पक्षी का घर ठीक था| बाकि सभी का घर गलत तरीके से बना था| ये सब देखकर उन्होंने उसे श्राप दिया कि जिस तरह सभी भीग रहे हैं| उसी तरह बारिस के समय तेरा भी घर गिर जाएगा| इस कहानी से सीख मिलती है दूसरो का बुरा नहीं करना चाहिए, नहीं तो बाद में पछताना पड़ता है| कन्हैयालाल पड़ियारी@9981622548.
Posted on: Mar 16, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER
ये दे जिंदगी के नई आय ठिकाना ठिकाना गा संगी...छत्तीसगढ़ी गीत-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं :
ये दे जिंदगी के नई आय ठिकाना ठिकाना गा संगी-
अनी बानी के रोग आगे-
मुश्किल होगे जीना गा संगी-
ये दे आनी बानी के रोग आगे-
खार-खार मा खोजे ला संगी, किसिम-किसिम के खाना...
Posted on: Mar 16, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
रूप रंग भाखा के, ले नई आय चिन्हारी, कौवा भी काली-काली, कोयल भी काली...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
रूप रंग भाखा के, ले नई आय चिन्हारी-
कौवा भी काली-काली, कोयल भी काली-
कोयल के बोली हवे सबसे निराली-
कौवा के करकस बोली, मारत हवे ठिठोली...
Posted on: Mar 15, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
चलो नदिया के तीरे हवे मोर गांव गा...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
चलो नदिया के तीरे हवे मोर गांव गा-
कोर्री बोड़ा झरिया-झरिया खारीर पड़े हवे-
तमनार ओकर नाव गा-
चारो कोती खेत खार मंझा में मोर गांव गा-
आमा बोराई, महुआ बोराई, खाओं खाओं गा...
Posted on: Mar 15, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
खाल्हे मूडा, ऊपर मूडा, कारी बनी, नागर मूडा, धान होत रहिस कुढा-कुढा...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
खाल्हे मूडा, ऊपर मूडा, कारी बनी, नागर मूडा-
धान होत रहिस कुढा-कुढा-
जम्मो ला ले बोरी जिंदल बूढ़ा-
सरदार डीपा, जननी खार, तेलाई खार-
ताव मूडा, बराही खार, छोटे सेमरिया-
बड़े सेमरिया, कुदरी खार गा...
