चार पैर वाली कहलाती लेकिन कभी न चल पाऊँ...कविता

कैलाश सिंह पोया ग्राम देवरी जिला सूरजपुर छत्तीसगढ़ से एक कविता सुना रहे है :
चार पैर वाली कहलाती लेकिन कभी नही चल पाऊँ-
सबको अच्छी नींद सुलाती बताओं मै क्या कहलाऊँ-
बच्चे तुझे चित्र बनाते मैं लिखते-लिखते घिस जाऊं-
मेरा लिखा रबर से मिटाता, बताओं मै क्या कहलाऊँ...

Posted on: Feb 16, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA

"आदिवासी समाज को आगे बढ़ाने के लिए उनके धर्म और संस्कृति को आगे बढ़ाना भी बहुत जरूरी है"...

कैलाश सिंह पोया ग्राम-देवरी जिला-सूरजपुर छत्तीसगढ़ से हैं और उनके साथ आज गोंडी धर्माचार्य छोटेलाल सिंह परस्ते हैं जो गाँव कैसौरी जिला-शहडोल मध्यप्रदेश से हैं इन दोनों की मुलाकात सीजीनेट स्वर कार्यशाला ग्राम-जमुड़ी जिला- अनूपपुर मध्यप्रदेश में हुई हैं कैलाश बता रहे हैं कि सूरजपुर छत्तीसगढ़ में गोंडवाना के वास्ते गोंडवाना स्कूल चल रहा है छोटेलाल जी का कहना हैं जिसप्रकार से आप लोग लगे हैं हम भी यही चाहते हैं कि हमारे जिलों में भी ऐसे स्कूल संचालित हो और हमारी भावी पीढी हमारे धर्म और संस्कृति के बारे में जाने और उसे बनाये रखने के लिए कार्य करे. धर्म और संस्कृति को बचाना और उसे आगे बढ़ाना मानव सभ्यता के लिए बहुत आवश्यक है.कैलाश सिंह पोया@9479003196

Posted on: Feb 16, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA

अभी बदरी पानी के मौसम आये...वर्षा पर कविता-

कैलाश पोया जिला-सूरजपुर छत्तीसगढ़ से वर्षा के बारे में कविता सुना रहे हैं :
अभी बदरी पानी के मौसम आये-
मौसम मा गाय बैल बल बच्चा-
पान परेशान आई-
रिम झिम रिम झिम वर्षा आई-
पेड़ पौधे भी नाच उठे-
रिम झिम रिम झिम वर्षा आई-
पेड़ पौधे भी नाच उठे-
नदिया में पानी हैं भर आए-
नदिया में पानी हैं भर आए...

Posted on: Feb 16, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA

झिमिर झिमिर पानी बरसे हमर मध्यप्रदेशे...वर्षा गीत

कैलाश सिंह पोया ग्राम-देवरी जिला-सूरजपुर छत्तीसगढ़ से बरसात के बारे में गीत सुना रहे हैं :
झिमिर झिमिर पानी बरसे हमर मध्यप्रदेशे-
झिमिर झिमिर पानी बरसे हमर मध्यप्रदेशे-
पेड़ पौधा ख़ुशी से खेलें हमर मध्यप्रदेशे-
पेड़ पौधा ख़ुशी से खेलें हमर मध्यप्रदेशे...

Posted on: Feb 14, 2017. Tags: Kailash Singh Poya

सब धर्मो का है स्थान-हिंदुस्तान-हिंदुस्तान...नारा गीत

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक नारा गीत सुना रहे हैं:
सब धर्मो का हैं स्थान सब धर्मो का हैं स्थान-हिंदुस्तान-हिंदुस्तान-
मजहब नहीं सिखता-
औरों के बैर करना हिंदी हैं हम वतन हैं-
हिंदी हैं हम वतन हैं हमारा-
हम औरतो का हैं यह नारा-
साल का हर दिन हो हमारा-
बहुत चाहा हैं अब नहीं चाहेगे-
अपने हंक हम लड़ेगे...

Posted on: Feb 14, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

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