बेटी के बिहाव में झालर मलहर मढूवा...डोमकच्छ गीत-
ग्राम पंचायत-डिज़ावल विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से ललमनिया और सुनीता एक डोमकच्छ गीत सुना रहे हैं:
बेटी के बिहाव में झालर मलहर मढूवा-
बेटी के बिहाव में रे-
झालर मलर मढूवा ठोकब दे जोहर-
बेटा के बिहाव में ठोका रे जहाजनी रे-
ठोका रे जहाज...
Posted on: Feb 27, 2019. Tags: CG PRATAPPUR SONG SUNITA SURAJPUR VICTIMS REGISTER
तीन तिरियो रेंगा दे रे- कहां पाबे बेटा लईका, काहिन तिरियो रेंगा दे रे-
ग्राम डिज़ावल, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से लालमनी और सुनीता एक डोमकच्छ गीत सुना रहे हैं:
तीन तिरियो रेंगा दे रे-
कहां पाबे बेटा लईका, काहिन तिरियो रेंगा दे रे-
कहां पाबे बेटा लईका, पानी ले जाबे रे-
पंडुबी ला खेलबे रे, पंडूबी ला खेलाबे...
Posted on: Feb 27, 2019. Tags: CG SONG SUNITA SURAJPUR VICTIMS REGISTER
गूचा-गूचा जकुर गूचा, सुसगू सान जकुर गुचा...कुरुक गीत-
पारा-दुबियाडीह, ग्राम पंचायत-इंजामी, विकासखण्ड-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सुनीता तिर्की कुरुक भाषा में एक प्रार्थना गीत सुना रही हैं जिसमे सभी को प्रार्थना गाने के लिये बुलाया जा रहा है :
गूचा-गूचा जकुर गूचा, सुसगू सान जकुर गुचा-
दियाही भरोषा मन ला, इना हिनेला मन ला-
इसुत गुसान रई दया-
इसुत गुसान रई छामा-
गूचा-गूचा जकुर गूचा, सुसगू सान जकुर गुचा...
Posted on: Feb 21, 2019. Tags: CG ODGI SONG SUNITA TIRKI SURAJPUR VICTIMS REGISTER
दया कर दान भक्ति का हमें परमात्मा देना...प्रार्थना गीत-
ग्राम पंचायत-बाक, विकासखण्ड-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सुनीता सिन्हा और रंगीता एक प्रार्थना गीत सुना रहे हैं :
दया कर दान भक्ति का हमें परमात्मा देना- दया करना हमारी आत्मा में शुद्धता देना- हमारी ध्यान में आओ, प्रभु आंखो में बस जाओ- अंधेरे दिल में आकर के परम ज्योती जगा देना- बहा दो प्रेम की गंगा, दिलो में प्रेम का सागर- हमें आपस में मिल जुलकर प्रभू रहना सिखा देना...
Posted on: Sep 21, 2018. Tags: ) CG SINHA SONG SUNITA SURAJPUR VICTIMS REGISTER
मौत एक सच्चाई है उसमे कोई एब नही...कविता
ग्राम-पेंडारी, पोस्ट-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर सरगुजा (छत्तीसगढ़) से सुनीता कुसवाहा जीवन की कुछ बातो को कविता के माध्यम से प्रस्तुत कर रही हैं :
मौत एक सच्चाई है उसमे कोई एब नही-
क्या लेकर जाओगे यारो कफन में कोई जेब नही-
आभाव में ही प्रतीक्षा की पहचान होती है-
पंखो सें कुछ नही होता, जिसे तूफानो में उड़ ना आए उसी मे जान होती है-
फूल कभी दो बार नही खिलता, जन्म कभी दो बार नही मिलता-
मिलने को तो कई हजारो लोग मिलते...
