राशन में केवल चावल दिया गया है, बाकि चीजें नहीं दी गयी हैं...
ग्राम-फूलना कपूरा, पोस्ट-बम्हना, जिला-प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) से रंगलाल कोरी बता रहे हैं, उनके पास राशन कार्ड नहीं है और उन्हें राशन मिला है, उनका कहना है केवल चावल मिला है, बाकि चीजें नहीं मिली है, केवल चावल नहीं खाया जा सकता है, इसलिये नमक, दाल भी दिया जाये, इस विषय पर खाद्यान वितरक का कहना है, इतना हि आया है, इसलिये वे सीजीनेट के श्रोताओं से अपील कर रहे हैं कि बाकि चीजें भी उपलब्ध कराई जाये| संपर्क नंबर@9125567604. (165376)
Posted on: Apr 22, 2020. Tags: CORONA PROBLEM PDS PRAYAGRAJ RANGLAL KORI SONG UP VICTIMS REGISTER
कैसा सुहावन दिन आया...गीत-
ग्राम-ओरुमडुग्गा, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से पूनम देवांगन एक स्वागत गीत सुना रही हैं:
कैसा सुहावन दिन आया-
लेके खुशी की झोली लाया-
ऐसे सुबेला में क्यों न हम झूमेंगे-
गाते हम तेरे बधाई के गान-
देखो ये मौसम बहारो का-
रिम झिम ये बूंदे फुहारों का...
Posted on: Apr 14, 2020. Tags: CG KORIYA PUNAM DEVANGAN SONG VICTIMS REGISTER
मध्यान्ह भोजन योजना जब से आई है...कविता-
ग्राम-लालपुर, पंचायत-बेलबहरा, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से अशोक कुमार एक कविता सुना रहे हैं:
मध्यान्ह भोजन योजना जब से आई है-
बच्चो प्यारो के मन में खुशियाँ छाई है-
पूजा बोली भाई से सुन भईया दीनू-
मध्यान्ह भोजन का अब आया है मीनू-
बच्चो की रूचि का रखा गया ख्याल-
मंगलवार को मिलेगी फ्राई की डाल...
Posted on: Apr 11, 2020. Tags: ASHOK KUMAR CG KORIYA POEM SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : नीम का औषधीय उपयोग-
ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल नीम का औषधीय उपयोग बता रहे हैं, आँखों में खुजली और जलन होने पर 50 ग्राम नीम की पत्ती को मिट्टी के बर्तन में रखकर कंडे की आग में जलायें, जब जलकर राख हो जाये और ठण्डा हो जाये तब नीबू के रस में मिलाकर सुखा लें, उसके बाद उपयोग कर सकते हैं नुस्खा उपयोग करने से पहले पूरी जानकारी लें उसके बाद ही उपयोग करें : संपर्क नंबर@ 9826040015.
Posted on: Apr 10, 2020. Tags: CG HEALTH KEDARNATH PATEL KORIYA SONG VICTIMS REGISTER
मन फूला-फूला फिरे जगत मा कैसे नाता रे...भजन-
ग्राम-जोलबी, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से अमृतलाल यादव एक भजन सुना रहे हैं:
मन फूला-फूला फिरे जगत मा कैसे नाता रे-
माता कहे यह पूत हमारी, बहन कहे यह भईया मेरी-
पेट पकड़ के माता रोमये बाँह पकड़ के भाई-
लपट-झपट के चिड़ियाँ रोबे हंस अकेला जाई-
जब तक जीवयें माता रोबयें बहन रोमएं दसमाता-
मन फूला-फूला फिरे जगत मा कैस नाता रे...
