गाँव में पानी की समस्या है हैण्डपंप लगवाने में मदद करें...
ग्राम-खैराहा, पंचायत-कोटा, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से बसंत कुमार आदिवासी बता रहे हैं उनके पारा में पानी की समस्या है वे दूर से साईकिल से पानी लाते हैं, जिससे कारण उन्हें समस्या होती है, लोग परेशान है इसलिये वे सभी सीजीनेट श्रोताओं से अपील कर रहे हैं कि दिये नंबरों पर बात कर पारा में हैण्डपंप लगवाने में मदद करें : PHE ठेकेदार@7047603066, संपर्क नंबर@8349223867.
Posted on: Jan 29, 2020. Tags: BASANT KUMAR ADIVASI MP PROBLEM REWA SONG VICTIMS REGISTER
कैसे बैठो रे आलस में तोसे राम कहो न जाये...गीत-
ग्राम-सरई, जिला-डिंडौर (मध्यप्रदेश) से संतोष कुमार अहिरवार एक भजन सुना रहे हैं:
कैसे बैठो रे आलस में तोसे राम कहो न जाये-
तोसे राम कहो न जाये तोसे कृष्ण कहो न जाये-
भोर भयो मल मल मुख धोयो-
दिन चढ़ते ही उदर टटोलो-
बातन बातन सब दिन खोयो-
सांझ भये पलटा पर सोयो-
कैसे बैठो रे आलस में तोसे राम कहो न जाये-
Posted on: Jan 28, 2020. Tags: DINDORI MP SANTOSH AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
अरे दुनिया हो गयी पुरानी बदलो भईया...गीत-
लबारी कला, जिला-गढ़वा (झारखण्ड) से संतोष कुमार गुप्ता एक गीत सुना रहे हैं :
अरे दुनिया हो गयी पुरानी बदलो भईया-
सास बहु करती है झगडा बेटा बाप लड़ाई-
आज हुआ है जानी दुसमन अपना सगा भाई-
घर घर की कहानी बदलो भईया-
अरे घर कोई माता पिता को रोटी नहीं खिलाते-
और मर जाने पर मृतक भोज में रुपया खूब लुटाते-
छोड़ो छोड़ो ये कहानी बदलो भईया...
Posted on: Jan 24, 2020. Tags: GARHWA JHARKHAND SANTOSH KUMAR GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
झूठी बचन मत बोलना हो तुम्ही रामा न मिलहीं...गीत-
ग्राम-सरइ, जिला-डिंडौरी (मध्यप्रदेश) से मुन्नी एक ददरिया गीत सुना रही हैं:
झूठी बचन मत बोलना हो तुम्ही रामा न मिलहीं-
कहां लगयों बेला चमेली-
कहां लगायो गुलाब हो-
तुम्ही रामा न मिलहीं-
चबूतरा लगयों बेला चमेली-
परतन लगयों गुलाब हो-
आज तुम्ही रामा न मिलहिं...
Posted on: Jan 19, 2020. Tags: DINORI MP SANTOSH AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
डरते रहोगे ये जिन्दगी बेकार न हो जाए...भजन गीत-
ग्राम-सरई, पोस्ट-चांदवानी, जिला-डिंडोरी (मध्यप्रदेश) से संतोष अहिरवार एक भजन गीत सुना रहे है:
डरते रहोगे ये जिन्दगी बेकार न हो जाए-
सपने में भी किसी जीव का-
उपकार न हो जाये-
भय है तो अनमोल सदाचार के लिए-
ये रीतियों मर फंसके कहीं-
अनाचार न हो जाये-
डरते रहोगे ये जिन्दगी बेकार न हो जाए...
