कागज के ये नोट है बाबू, कागज के ही नोट...नोटों पर कविता
तहसील-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता नोटों पर एक रचना सुना रहे है:
कागज के ये नोट है बाबू, कागज के ही नोट-
और कागज की ही माया इनकी नीयत में है खोट-
और चले गाँव की ओर जी बाबू चले गाँव की ओर-
कागज के ये नोट है बाबू...
सांचे के ये रंग अनेक हैं, सांचे के ये ढंग-
जैसी करनी वैसी भरनी, चले शहर की ओर-
कागज के ये नोट है बाबू, कागज के ही नोट...
Posted on: Dec 26, 2016. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
मेरे सपनों का गाँव...कविता
तमनार जिला रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता एक रचना सुना रहे हैं, रचना का शीर्षक है मेरे सपनों का गाँव :
प्रकृति की गोद में बसा वह एक छोटा सा गाँव, गाँव में मेरा छोटा घर-
आँगन में तुलसी चौरा फूल पौधा के छाव, यह मेरे सपनों का गाँव-
थोड़ी दूर पर एक छोटी सी नदियाँ पानी में धुन कल-कल किनारे बगुलों की-
मौन मन की हलचल सुबह का भ्रमण शौच स्नान के साथ प्रकृति का आनन्द-
इसके गीतों का श्रवण यह है मेरे सपनों का गाँव-
गलियोँ में खेलते बच्चें आधे नंगे आधे ढके खाते हुए अमरुद आम आधे कच्चे आधे पके-
हल चलाते किसान कटी फसलों से भरा खलियान-
बरसाती धारा में डूबता कागज की नाव, यह मेरे सपनों की गाँव-
माटी के हाड़ी में पकता हुआ चावल-
पेट में भूख की तीर क्योकिं स्कुल जाना है राम-रहीम के पाठ दोहराना है-
कड़क की धूप में अमरई की छाव यह मेरे सपनों की गाँव – गाँव में त्यौहार की महक सुबह शाम किरणों की चहक-
रात में अँधेरा जंगलो का सन्नाटा-
पूरब की लाली के साथ नदी तालाब-
खेतो का सर तपाता हुआ उबड़-खाबड़ धरती में चुभता नंगा पाँव-
यह मेरे सपनों गाँव-
एकांत शांत कोलाहल में बदलाव-
अब नहीं दिखाई देता बरगद पीपल की छाव-
यह नही हो सकता मेरे सपनो का गाँव-
मुझे नहीं चाहिए ऐसे निरस्त विकास-
मुझे चाहिए मेरा पुराना आकाश...
Posted on: Dec 19, 2016. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
फसल खेत में खड़ी है और कुछ लोग अपने पालतू पशु खुला छोड़ दे रहे हैं, प्रशासन कुछ नहीं करता...
फसल अभी खेत में खड़ी है और लोग अपने पालतू पशु को खुला छोड़ दे रहे हैं । प्रशासन का इस दिशा में कोई ध्यान नहीं है कह रहे हैं आदिवासी बहुल विकासखंड तमनार जिला रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता। वे बता रहे हैं कि पुराने ज़माने से चले आ रही व्यवस्था और परंपरा का आज के दिनों में नजरअंदाज किया जा रहा है जैसे कुछ लोग पालतू पशुओं को समय से पहले ही चरने के लिए छोड़ दे रहे है जो बची हुई फसलों को नुकसान पंहुचा रहे है जिसे सीजीनेट स्वर सुनने वाले साथियों से मदद करने के लिए अपील कर रहे हैं कि वे प्रशासनिक अधिकारियों से इस गंभीर समस्या की और ध्यान देकर कुछ उपाय निकालने का बंदोबस्त करें । ग्राम पंचायत सरपंच जी का मोबाइल नम्बर 09329407294. राजेन्द्र गुप्ता@9993891275
Posted on: Dec 17, 2016. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
माइनिंग और कंपनी के आने के बाद पशुओं को चराने के लिए यहां कोई चारागाह ही नहीं बचा है...
भारत एक कृषि प्रधान देश है यहां पर अधिक लोग कृषि पर आधारित है पर हमारे इलाके में माइनिंग और कंपनी आने के बाद चरागाह ही नहीं बचे हैं अभी भी फसल खेत में ही है पर लोगों ने अपने पशुओं को खुला छोड़ दिया है क्योंकि उनको चराने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है बता रहे हैं
तहसील-तमनार, जिला-रायगढ़, छत्तीसगढ़ से राजेंद्र गुप्ता है जिनके साथ हैं डा रोहित कुमार साहू जो बता रहे है कि पशुओ को चराने के लिए चरगाह नहीं है तो इनकी कहना है कि चरगाह कि व्यवस्था की जाए, गाँव के सरपंच का नम्बर – 9329407294 । वे कह रहे हैं जिन कंपनियों के कारण यह समस्या बढ़ी है उनको भी इस गंभीर समस्या जिससे से अधिकाँश का जीवन जुड़ा है उसको सुलझाने में मदद करना चाहिए । राजेन्द्र@9993891275
Posted on: Dec 14, 2016. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
भ्रष्ट हवे जमाना भ्रष्ट होवे राज... छत्तीसगढ़ी व्यंग्य कविता
राजेन्द्र गुप्ता ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, छत्तीसगढ़ से छत्तीसगढ़ी भाषा में व्यंग्य कविता सुना रहे है:
भ्रष्ट हवे जमाना भ्रष्ट होवे राज-
बिपक्ष विद्रोही दिखाए ब रोगी नाज-
धन्य है हमर छत्तीसगढ़ के बात-
एखर आधा ठन महेतारी आधा ठन बाप-
भ्रष्ट हवे जमाना भ्रष्ट होवे राज...
