माइनिंग और कंपनी के आने के बाद पशुओं को चराने के लिए यहां कोई चारागाह ही नहीं बचा है...
भारत एक कृषि प्रधान देश है यहां पर अधिक लोग कृषि पर आधारित है पर हमारे इलाके में माइनिंग और कंपनी आने के बाद चरागाह ही नहीं बचे हैं अभी भी फसल खेत में ही है पर लोगों ने अपने पशुओं को खुला छोड़ दिया है क्योंकि उनको चराने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है बता रहे हैं
तहसील-तमनार, जिला-रायगढ़, छत्तीसगढ़ से राजेंद्र गुप्ता है जिनके साथ हैं डा रोहित कुमार साहू जो बता रहे है कि पशुओ को चराने के लिए चरगाह नहीं है तो इनकी कहना है कि चरगाह कि व्यवस्था की जाए, गाँव के सरपंच का नम्बर – 9329407294 । वे कह रहे हैं जिन कंपनियों के कारण यह समस्या बढ़ी है उनको भी इस गंभीर समस्या जिससे से अधिकाँश का जीवन जुड़ा है उसको सुलझाने में मदद करना चाहिए । राजेन्द्र@9993891275
