जब बेटी थी छोटी, गोद थी उसकी चार पाई...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
जब बेटी थी छोटी, गोद थी उसकी चार पाई-
धीरे-धीरे बड़ी बढ़ने लगी-
जोड़ने लगे नित माता पिता पाई-पाई-
हुई 18 जब पार, दूर से देखने सगा आई-
देख लड़की की पसंद, ठोक बजाकर पूछा ताछा-
लड़के झुका अपना नजर, कुछा जवाब दिया...
Posted on: Apr 29, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
एक तीर से दो शिकार, करे राजनीती करे व्यापार...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
एक तीर से दो शिकार, करे राजनीती करे व्यापार-
उद्योग पतियों का यारी यार, लोगो का क्यों करे उपकार-
सत्ता में आने से पहले, घर-घर जाकर तू यह कहले-
मै हूँ नहले पे दहले, मुझे ही चुनना तुम पहले-
तुम लोगो को मै ही करूंगा उद्धार-
जब बनेगा मेरा सरकार, बसा दूंगा तुम्हारा घर द्वार...
Posted on: Apr 29, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
हमें अच्छा व्योहार रखना चाहिये, और विवाद नहीं करना चाहिये...कहानी-
श्यामू नाम के किसान का एक बेटा था| जो पढ़ने लिखने में होशियार था| सभी उसे पसंद करते थे| कक्षा में उसके अच्छे परिणाम के कारण शिक्षक भी पसंद करते थे| वही एक दूसरा लड़का रामू भी रहता था| जो बड़े अफसर का बेटा था| वह श्यामू के बेटे को पसंद नहीं करता था| दोनों में फर्क था| एक अमीरी का दिखावा करता था| दूसरा शांत और सरल व्योहार करता था| एक दिन दोनों में बहस हो गई, और बात झगड़े तक आ गई| शयामू ने ये बात अपने पिता से बताई| उसके पिता अपने बेटे के बारे में जानते थे| इसलिये उन्होंने उसे डाटा और खुद के व्योहार में भी सुधार लाया|
Posted on: Apr 28, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER
सूनी हुई आज मायका, जहां बेटी की थी किलकारी...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
सूनी हुई आज मायका, जहां बेटी की थी किलकारी-
सखी सहेली छोड़ी बेटी, सूनी हुई घर महतारी-
लगन लगी वेदी सजी, हुई विवाह की भारी तैयारी-
जगमग-जगमग जगमगा उठा, मडवा-
मेहमानों का भीड़ था भरी...
Posted on: Apr 27, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
आँखों को जो भा जाये वही सुंदर, दिल तो एक मदारी का बंदर...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
आँखों को जो भा जाये वही सुंदर-
दिल तो एक मदारी का बंदर-
उसे क्या पता है ये समुंदर-
वह तो रहता शरीर के अंदर-
फिर भी कुछ-कुछ ताड़ जाता है-
आँखों को कुछ समझाता है...
