स्वास्थ्य स्वर : पेचिश का घरेलू उपचार...
जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेंद्र सिंह राय आज हम लोगो को पेचिश का घरेलू उपचार बता रहें है, दो या तीन गुडहल का फूल ले और मिश्री मिलाकर पीस ले और उससें शरबत बनाकर पीने से लाभ हो सकता है| संबंधित विषय पर जानकारी के लिये दिये नंबर पर संपर्क कर सकते हैं: संपर्क नंबर@9519520931.(185185) GT
Posted on: Feb 21, 2021. Tags: HEALTH MP RAGHVENDRA SINGH RAI TIKAMGARH
स्वास्थ्य स्वर : गर्भपात होने की समस्या का घरेलू नुस्खा-
जिला-टीकमगढ़, मध्यप्रदेश से वैद्य राघवेंद्र सिंह राय गर्भपात होने की समस्या का घरेलू नुस्खा बता रहे हैं| जानकारी के लिये संदेश सुने| अधिक जानकारी के लिये दिये नंबर पर संपर्क कर सकते हैं| संपर्क नंबर@9519520931. (AR)
Posted on: Feb 17, 2021. Tags: HEALTH MP RGHVENDRA SINGH RAI TIKAMGARH
वनांचल स्वर: सर्पदंश का आसन और असरकारी ईलाज...
ग्राम- हिटारकसा, ब्लॉक-भानुप्रतापपुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से वीर सिंह पटेल बता रहे हैं कि उन्होंने अपने बेटे को सांप के द्वारा काटे जाने का इलाज सिखा दिया है। उनका इलाज करने का तरीका काफी सरल है। वह केले के छिलके को कूटने के बाद उसका रस निकाल देते हैं और पीड़ित को पिला देते हैं। केले के छिलके का रस सांप के जहर को काट देता है। वह अब तक इस प्रयोग से बहुत लोगों का इलाज कर चुके हैं।
Posted on: Feb 16, 2021. Tags: CG KANKER VANANCHAL SWARA VEER SINGH
वनांचल स्वर: सरकार बेहतर से बेहतर पेड़ जंगल में लगा रही है ...
ग्राम- हाटकर्रा, ब्लॉक-भानुप्रतापपुर, जिला- उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से कुंवर सिंह पुजारी बीते सालों में वन संपदा में आने वाले बदलाव के बारे में बताते हैं। उन्होंने बताया कि पेड़ों की कटाई नहीं हो रही है। अब गांव वालों को लकड़ी मिलना भी बंद हो गया है और सरकार बेहतर से बेहतर पेड़ जंगल में लगा रही है। सरकार सागौन और नीलगिरी जैसे पेड़ों को लगवा रही है। प्रशासन सड़क बनाने के लिए कुछ पेड़ों की कटाई कर रहा है।
Posted on: Feb 14, 2021. Tags: CG KANKER KUWANR SINGH VANANCHAL SWARA
वनांचल स्वर: कोरोनकाल में जड़ी बूटी देकर की लोगों की मदद...
ग्राम-कराठी, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) वीरसिंह पड्डा बताते है की कोरोना महामारी में शहरों में उत्पन्न हुआ और लोगो में फैला। मैने सुबह शाम गिलोय, उषा और तुलसी पत्ती से जड़ी बूटी बनाकर पिया। मैने गांव के लोगो को मुफ्त गिलोय भी दिया। जंगल की हवा और पानी साफ है, शहर का प्रदूषित इस वजह से शहरों में ज्यादा फैला। गांव का हवा पानी जलवायु साफ है। जिस कारण यहां रहने वाले लोगो कि प्रतिरक्षा शक्ति अच्छी है। हम लोगों ने जड़ी बूटियों का संभाल कर इस्तेमाल किया। कई जड़ी बूटियां विलुप्त होने के कगार पर भी हैं जिसको बचाना मेरे अकेले के लिए मुश्किल है। जो लोग शहर से आए थे उनको भी इन जड़ी बूटियों से फायदा हुआ।(RM)
