हमारे गाँव से रोड तक कच्ची सडक होने से बारिश में कीचड़ हो जाता है, आने जाने में दिक्कत होती है-
ग्राम-धुर्सी, पंचायत-कान्दावानी, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से प्रीतराम खोहडिया बता रहे हैं मेन रोड से उनके गाँव तक कच्ची सड़क है, जिसमे बारिश के दिनों कीचड़ हो जाता है, जिसके कारण आने जाने में दिक्कत होती है, मोहल्ले में 9 घर है, 2015-16 से लोग इस समस्या से पीड़ित हैं, उन्होंने इसके लिए आवेदन किया, लेकिन अधिकारी काम को टाल दे रहे हैं, उनका कहना है यदि सड़क में मुरुम डाल दिया जाए या पक्की सड़क बना दिया जाए तो चलने लायक हो सकता है, इसलिए वे सीजीनेट के सांथियो से अपील कर रहे हैं कि दिए गए नंबरो पर अधिकारियों से बात कर समस्या का निराकरण कराने में मदद करे : SDM@7587202092, CEO@9669625077. संपर्क नंबर@8085182856.
Posted on: Jul 24, 2018. Tags: PRITRAM KHOHADIYA SONG UDAY MANIKPURI VICTIMS REGISTER
इस जमाने में नारियो का झंडा ऊँचा उठाना है...महिला समूह गीत
ग्राम-सालेभाट, विकासखंड-नरहरपुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ) से शांति यादव, कुवरबती साहू, अनीता साहू और राधा यादव एक महिला समूह गीत सुना रहे है:
इस जमाने में नारियो का झंडा ऊँचा उठाना है-
ए दी तुम नारी हो तो हमारा साथ दो – चाहे तुम अमीर हो, चाहे तुम ग़रीब हो – ए दी तुम नारी हो तो हमारा साथ दो – इस जमाने में नारियो का झंडा ऊचा उठाना है...
Posted on: Jul 24, 2018. Tags: ANITA SHAU HINDI SONG KANKER KUWARBATI SAHU SHANTI YADAV SONG VICTIMS REGISTER
हमारे गाँव का नाम सालेभाट कैसे पड़ा : एक गाँव की कहानी-
ग्राम पंचायत-सालेभाट, तहसील-नरहरपुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से सीजीनेट जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा के अंकित पडवार के साथ में आज सुखराम वट्टी (गाँव के पटेल) हैं जो उनको बता रहे है कि उनके गाँव का नाम सालेभाट कैसे पडा: ग्राम सालेभाट जो वनांचल के नजदीक प्रकृति की गोद में बसा एक ख़ूबसूरत गाँव है, जहाँ लगभग 900 लोग निवास करते हैं क्योंकि उनके गाँव में पहले के ज़माने से लेकर अभी तक साल के बहुत पेड है जिससे दरवाजे, टेबल, कुर्सी आदि बनाये जाते है. यह पेड़ यहां अधिक मात्रा में होता है, इसलिए उनके गाँव का नाम सालेभाट पड़ा |
Posted on: Jul 24, 2018. Tags: KANKER SONG SUKHRAM WATTI VICTIMS REGISTER
आदिवासी लुटगे रे हाय गा आदिवासी लुटगे यार...कर्मा गीत
ग्राम-कटंगी, पंचायत-डोंगरमंडला, विकासखंड-घुघरी, जिला-मंडला (मध्यप्रदेश) से राजाराम मरावी एक कर्मा गीत सुना रहे हैं :
आदिवासी लुटगें रे हाय गा आदिवासी लुटगें यार-
भ्रष्टाचारी घूसखोरी में आदिवासी लुटगें र-
नही बाचे तोर मान धर्म और नही बचे समान-
अरे धरती के ताय मालिक सगा अली गली अकमान-
भ्रष्टाचारी घूसखोरी में आदिवासी लुटगें र-
आदिवासी लुटगें रे हाय गा आदिवासी लुटगें यार...
Posted on: Jul 24, 2018. Tags: HINDI SONG MANDLA RAJARAM MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
आरटीआई स्वर : नागरिको को डिस्क, टेप, इलेक्ट्रानिक प्रिंटआउट के रूप में सूचना मांगने का हक़ है...
आर टी आई टी स्टॉल कानपुर (उत्तर प्रदेश) से के.एम. भाई श्रोताओं को बता रहे हैं, आर.टी.आई कानून का उपयोग कौन और कैसे कर सकता है :इस कानून का उपयोग हर वो व्यक्ति कर सकता है जो भारत का नागरिक है, भारत में स्थित किसी भी सरकारी कार्यालयों में जानकारी के लिए आवेदन लगा सकता है, निगम, यूनियन, कम्पनी पर ये नियम लागू नही होते हैं, हर सरकारी कार्यालय में एक से ज्यादा अधिकारीयों को जन सूचना अधिकारी जिसे अंग्रेजी में पब्लिक इनफोरमेसन ऑफिसर (PIO) कहा जाता है, होते है, समय-समय पर नागरिको के द्वारा मांगी गई जानकारी को उपलब्ध कराना उनकी जिम्मेदारी होती हैं, और जो पढ़े लिखे नही है, वे सहायक जन सूचना अधिकारी से अपना आवेदन लिखाकर उसका शुल्क जमाकर लाभ ले सकते हैं, कानून के अंतर्गत नागरिको को डिस्क, टेप, वीडियो कैसेट, या किसी और इलेक्ट्रानिक, प्रिंटआउट के रूप में सूचना मांगने का हक़ है, बसर्ते वो सूचना उस कार्यालय में उस रूप में मौजूद होनी चाहिए, जितने वक्त तक रिकार्ड सरकारी विभाग में रखने का प्रावधान है, उसी समय तक की सूचना मांगी जा सकती है |


