वनांचल स्वर : दाल मखाना के पौधे के औषधीय गुण...

जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय दाल मखाना के औषधीय गुण के बारे में बता रहे हैं: दाल मखाना का पौधा अधिकतर तालाबों में मिलता है, इस पौधे की अधिकतम लम्बाई 2 फीट होती है इसकी पत्ती हल्की, लम्बी और चौड़ी होती है, जोड़ों में दर्द में इन पत्तियों को अच्छी तरह से पीसकर लेप करने से लाभ मिलता है, ताकत के लिए इसके बीजों के साथ कोंचबीज (फल) को शुद्ध करके चूर्ण बनाकर 3 ग्राम शक्कर या मिश्री के साथ मिला कर दूध के साथ सेवन करने से शक्ति मिलता है, कोंच के बीजो को गाय के दूध में गर्म करके शुद्ध किया जा सकता है, ये उपचार निशुल्क घर में बिना कोई पैसे दिए कर सकते हैं | संपर्क नम्बर@9424759941.

Posted on: Aug 31, 2018. Tags: HEALTH MP RAGHVENDRA SINGH RAI SONG TIKAMGARH VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

जिन्होंने अपने देश के खातिर जान गवां दई रे...बुंदेलखंडी देशभक्ति गीत-

ग्राम-राजापुर, तहसील-निमाड़ी, जिला-टीकमगढ (मध्यप्रदेश) से चिरौंजीलाल कुसवाहा एक बुंदेलखंडी देशभक्ति गीत सुना रहे हैं :
जिन्होंने अपने देश के खातिर जान गवां दई रे-
उन वीरो को प्रणाम शान पे जान गवां दई रे-
वो झासी की रानी वो अमर कहानी सुनो भईया-
अरे काट काट के सर दुश्मन के, खून की गंगा बहा दई रे-
उन वीरो को प्रणाम शान पे जान गवां दई रे-
अरे बीच समर में गाड़ के झंडा, दई दै सलामी रे...

Posted on: Aug 17, 2018. Tags: BUNDELKHANDI CHIRAUNJILAL KUSWAHA MADHYA PRADESH SONG TIKAMGARH VICTIMS REGISTER

सैनिक घर जाके ये मत कहना संकेतो से समझा देना...सन्देश गीत

तहसील-निवाड़ी, जिला-टिकोना (मध्यप्रदेश) से चिरोजी लाल के साथ जयंती कछवाहा सन्देश गीत सुना रही हैं:
सैनिक घर जाके मत कहना, संकेतो से समझा देना-
जब हाल मेरी मम्मी पुछे, तो सुनी गोद दिखा देना-
जब हाल मेरी बहना पुछे, तो रक्षाबंधन लौटा देना-
जब हाल मेरी पत्नीपुछे, तो मांग सिंदूर मिटा देना-
जब हाल मेरे पापा पुछे, तो जलता दीप बुझा देना-
सैनिक घर जाके मत कहना, संकेतो से समझा देना...

Posted on: Aug 15, 2018. Tags: HINDI SONG JAYANTI KACHHWAHA SONG TIKAMGARH VICTIMS REGISTER

आइये इस बारिश हम सब 5-5 पेड़ लगाएं, स्वच्छ हवा के लिए पेड़-पौधे लगाना अति आवश्यक है...

ग्राम-राजापुर, पोस्ट-लड्वारी, जिला-टीकमगढ (मध्यप्रदेश) से मनोज कुमार कुशवाहा बता रहे हैं कि इस समय बरसात का मौसम है, लेकिन आज भी देश के कई राज्यों में पीने के लिए पानी नहीं है| उसका मुख्य कारण वन की कमी है, क्योंकि आजकल वहां पर वन सम्पदा अधिक नहीं है| वहां के लोगो ने पेड़ पौधो को नष्ट कर दिया है, मातृभूमि को बंजर बना दिया है| क्यों न अपनी मातृभूमि की सेवा सभी श्रोता 5-5 पेड़ लगाकर करें | इसलिए पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के लिए पेड़-पौधे अति आवश्यक है, हमें अधिक से अधिक पौधे लगाना चाहिए जिससे शुद्ध वायु वातावरण में रहे जिससे हमारे वातावरण में किसी तरह से कोई प्रभाव न हो| मनोज कुमार@9752312263.

Posted on: Aug 09, 2018. Tags: CULTURE MANOJ KUMAR KUSHWAH SONG TIKAMGARH VICTIMS REGISTER

वनांचल स्वर : बबूल (कीकर) के औषधीय गुण-

जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से राघवेन्द्र सिंह राय आज हम लोगो को बबूल (कीकर) के औषधीय गुणों के बारे में बता रहे है, अतिसार (दस्त, पेचिस) में इसका पत्तियों के रस आधा चम्मच में एक चम्मच छाछ (मही) के साथ सेवन करने से लाभ मिलता है, मुहं में छाले पड़ने पर बबूल के गोंद को मुंह में रखकर उसके रस चूसने से फायदा मिलता है, इसी तरह गले में सूजन आने से बबूल के छाल को 400 ग्राम पानी में उबाल लें, 100 ग्राम शेष रह जाए जिसमे क्वाक (काढा) शेष रहे उससे मुंह के गरारे करने से छाले जल्दी ठीक हो जाते है| गर्मी की अगर किसी को खांसी हो तो बबूल की पत्तियों को मुंह में रखकर चबाकर रस चूसने से और कंठ में उतार ले, तो इससे आराम मिलता है| राघवेन्द्र सिंह राय@9424759941.

Posted on: Aug 08, 2018. Tags: HINDI HEALTH RAGHVENDRA SINGH RAI SONG TIKAMGARH VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

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