चार तेंदू भेलवा सब हा किरा गये...गीत-
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास पोया एक गीत सुना रहे हैं:
चार तेंदू भेलवा सब हा किरा गये-
महुवा और तेंदू चार भेलवा हा सिरा गये-
आसो के पानी वर्षा धुप नई दिखावे-
चार तेंदू भेलवा सब हा किरा गये-
अब नई फरे आमा अमली नई फरे डोरी हो-
बईर सब पका हर किरागे-
चार तेंदू भेलवा सब हा किरा गये...
Posted on: Apr 08, 2020. Tags: CG KAILASH POYA SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
शौचालय घोटाले को लेकर आवेदन किया लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं...
सुभाष यादव बता रहे हैं कि दंतेवाड़ा में शौचालय को लेकर घोटाला हुआ है, इसकी जानकारी उन्होंने RTI से प्राप्त की और जिला CEO को जानकारी दी लेकिन उन्होंने इसमे कोई कारवाही नहीं की, उनके ऊपर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है, इस मामले में ममता राना और देवेंद्र झाड़ी जो जिला समन्वयक है इनके शामिल होने की आशंका है, अधिकारी सही से जवाब नहीं दे रहे हैं उनकी बात को ध्यान नहीं देते, इसलिये वे सीजीनेट के माध्यम से संदेश दे रहे हैं और सभी श्रोताओं से अपील कर रहे हैं कि मामले की जांच कराकर उचित कारवाही कराने में मदद करें : संपर्क नंबर@9399561710.
Posted on: Mar 26, 2020. Tags: CG DANTEWADA PROBLEM SONG SUBHASH POYAM VICTIMS REGISTER
पीपल की ऊँची डाली पर बैठी चिड़िया गाती है...कविता-
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास पोया एक कविता सुना रहे हैं:
पीपल की ऊँची डाली पर बैठी चिड़िया गाती है-
तुम्हे ज्ञात अपनी बोली में यह संदेश सुनाती है-
चिड़िया बैठी प्रेम प्रीती की रीती हमें सिखलाती है-
वह जग के बंदी मानो को मस्ती मंत्र बतलाती है-
वन में कितने पक्षी है सब मिल जुलकर रहते हैं-
रहते जहाँ वही अपनी दुनिया बसाते है...
Posted on: Mar 15, 2020. Tags: CG KAILASH POYA POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
नदी को रास्ता किसने दिखाया...कविता-
ग्राम-देवरी, थाना-चंदोरा, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास पोया एक कविता सुना रहे हैं:
नदी को रास्ता किसने दिखाया-
सिखाया था उसे किसने-
कि अपनी भावना के वेग को-
उनमुक्त बहने दे-
कि वह अपने लिये खुद खोज लेगी...
Posted on: Mar 12, 2020. Tags: CG KAILASH POYA POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
धरती ला काट काट चौरा छवावय हय रे...गीत-
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास पोया एक डोमकछ गीत सुना रहे हैं:
धरती ला काट काट चौरा छवावय हय रे-
धरती ला काट काट-
झालर खुटा लोलो हमर मड़वा तनाय-
झालर खुटा लोलो हाय रे मड़वा तनाय...
