आजाबे-आजाबे आ जाबे ओ...छत्तीसगढ़ी गीत
ग्राम-मनोरा, पोस्ट-गुरसी, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से राजवीर एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे है:
आजाबे-आजाबे आ जाबे ओ-
आजाबे-आजाबे आ जाबे ओ ना-
दिले जानी गोरी मोर-
गोरी सुरता ला जन भुलाबे-
आजाबे-आजाबे आ जाबे ओ-
आजाबे-आजाबे आ जाबे ओ ना-
दिले जानी गोरी मोर-
आही केयके घर ला सजाव-
घर के दुवार्या मा दीया जलाव...
Posted on: Aug 26, 2018. Tags: CHHATTISGARHI MP RAJVEER SONG VICTIMS REGISTER
हम जब सावन, कुँवार और चैत के महीने में नशा, मांस में परहेज रह सकते है तो पूरे साल क्यों नहीं?
हेम सिंह मरकाम, ग्राम-सिंगपुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से छत्तीसगढ़ी भाषा में बोल रहे है कि जिस प्रकार से लोग एक महीना सावन के महीने में, पन्द्रह दिन चैत के महीने और पंद्रह दिन कुवार में भी खासकर दारु और मांस के सेवन से धार्मिक कारणों से परहेज कर अपने स्वास्थ्य और पैसे दोनों की बचत करते है उसी प्रकार से बांकी साल भर क्यों नहीं करते ? यदि किया जाये तो हमारा देश और प्रदेश नशा मुक्त हो सकता है हम भी अपने सेहत और धन की बचत कर सकते हैं और अपने देश को बेहतर बनाने में अपना योगदान दे सकते हैं. उनका आव्हान है कि आइये हम सब मिलकर इस मुहिम का हिस्सा बने | इस काम को कैसे किया जाए इसके लिए कृपया सुझाव दीजिये | हेम सिंह मरकाम@9575248234
Posted on: Aug 26, 2018. Tags: CG CHHATTISGARHI HEM KABIRDHAM SINGH MARKAM SONG VICTIMS REGISTER
जय हर जंगो जय हर लिंगो...गोंडी धर्म गीत
ग्राम-उतनूर, जिला-आदिलाबाद (तेलंगाना) से गायत्री एक गोंडी आरती सुना रही है:
जय हर जंगो जय हर लिंगो-
आरती पंकर के कोन-
जय पेरसा पेन जय पेरसा पेन-
रंगा सुर्ता धोती के सिवाती-
नीरू सीता अमर ज्योति-
तन मन धन के पंखडी गी कोन –
आरती पंखड गीकोन-
जय पेरसा पेन जय पेरसा पेन...
Posted on: Aug 26, 2018. Tags: AARTI GONDI SONG TELANGANA
स्वास्थ्य स्वर: मलेरिया से बचने के उपाय
डा अनिल रिजवी, कोरबा (छत्तीसगढ़) से मलेरिया से बचाव का घरेलू उपाय बता रहे है: नीम की पत्ती, डनठल और छाल या नीम का कोई भी अंग हो उसको सुखा कर चूर्ण बना ले उसमे से 100 ग्राम चूर्ण ले लोबान 100 ग्राम निचोड़ कर मिला ले और 25 ग्राम हल्दी का पाउडर मिला ले ये तीनो को मिलाकर रख ले शाम को जब सूरज डूबने को हो तब लकड़ी या कोयला में आग जलाकर अंगार बना ले और चूर्ण को अंगार में डालकर घर के कोने-कोने में धुआं दे जिसे मच्छर बाहर निकल जाता है जिससे वातावरण शुद्ध होता है और मच्छर मर जाते है | ग्रामीण लोग चौक चौराहों में भी धुंआ कर सकते है जिससे मच्छर मर जायेगें और पूरे ग्रामीण लोग मलेरिया, डेंगू जैसी बीमारियों से बच सकते हैं | सम्पर्क@9826921687
Posted on: Aug 26, 2018. Tags: ANIL RIZIVI CG DR HEALTH HINDI KORBA SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : दस्त का घरेलू उपचार -
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच. डी. गांधी दस्त का एक घरेलू उपचार बता रहे हैं, वे कह रहे हैं कि दस्त होने की स्थिति में सौंफ 50 ग्राम, जीरा 50 ग्राम, बेल का गूदा 50 ग्राम, सेंधा नमक 10 ग्राम ले, उसके बाद सौंफ और जीरा को अलग-अलग भूनकर चूर्ण बना लें, बेल के गूदा का भी चूर्ण बना लें और अंत में सभी को सेंधा नमक के साथ मिलाकर रख लें, उसके बाद दस्त पीड़ित व्यक्ति दिन में दो बार खाने के बाद मठा या पानी के साथ सेवन करें इससे लाभ हो सकता है, दाल चावल की खिचड़ी का सेवन करें, तेल खटाई गरिष्ठ भोजन का प्रयोग कम करें, नशा न करें, अधिक जानकारी के लिए संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@91110613099.
