स्वास्थ्य स्वर : तालमखाना या अश्वगंधा के पौधे का औषधीय गुण-

जिला-टीकमगढ़, (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय आज हमें तालमखाना या अश्वगंधा के पौधे का औषधीय गुण बता रहे है कि तालमखाना के पत्तो को पीसकर के लेप करने से संधि शूल (जोड़ो के दर्द) में लाभ होता है ताकत बढ़ाने के लिए तालमखाना के बीज और कौंच के बीज दोनों को पीसकर के चूर्ण बना ले और 1 चम्मच चूर्ण 1 चम्मच मिश्री के साथ मिला करके सुबह शाम सेवन करे चूर्ण खाने के बाद ऊपर से 1 गिलास दूध पी ले इससे बल पाप्त होगा लेकिन कौंच का बीज मिलाने से पहले उसको गाय के दूध में उबाल ले और बीज का छिलका निकाल कर पीसकर मिलाएं | राघवेन्द्र सिंह राय@9424759941.

Posted on: Sep 08, 2018. Tags: HEALTH MP RAGHVENDRA SINGH RAI SONG SWASTHYA SWARA TIKAMGARH VICTIMS REGISTER

स्वास्थ्य स्वर: बेल के पत्ते से मधुमेह (शुगर) का घरेलू उपचार...

जिला-टीकमगढ़, (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय आज हमें लगभग आजकल हर घर में पाए जाने वाले मधुमेह या शुगर की बीमारी के एक घरेलू उपचार के बारे में बता रहे हैं, वे कह रहे हैं कि मधुमेह होने पर बेल के 5-7 पत्तों को चबाकर नियमित खायें और ऊपर से पानी पीने पर शुगर या डायबिटीज़ की बीमारी कम हो सकती है, इसके अतिरिक्त बेल गूदा (अंदर वाला भाग) और तिल को दोनों बराबर मात्रा में दही में मिलाकर कल्क (चटनी) बनाकर सेवन करने से आराम मिलता है| पसीना आने के बाद शरीर से बदबू आने पर उसके पत्तियों के रस को पूरे शरीर में लगाने से आराम मिलता है| यह प्रयोग सभी घर में आसानी से कर सकते हैं: वैद्य: राघवेन्द्र सिंह राय@9424759941.

Posted on: Sep 05, 2018. Tags: MP RAGHVENDRA SINGH RAI SONG SWASTHYA SWARA TIKAMGARH VICTIMS REGISTER

स्वास्थ्य स्वर: कैथ (कबिट) औषधीय वृक्ष के गुण ...

जिला-टीकमगढ़, (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय कैथ (कबिट) के औषधीय गुण के बारे में बता रहे हैं:कैथ (कबिट): यह औषधि वृक्ष हमारे चारों ओर पाए जाने वाले पर्यावरण के में ही पाया जाता है, इसे स्वास्थ्य उपचार हेतु बड़े नर्सरी में लगाया जाता है, यह एक बड़े वृक्ष के रूप में होता है| पित्त समन (जलन) के लिए कैथ (कबिट) फल के मृदु (अंदर वाला भाग) में शक्कर मिलाकर सेवन करने से लाभ होता है, इसके पत्तों के रस में दूध मिलाकर सेवन करने से पित्त समन में लाभ होता है, साँस लेने में दिक्कत है तो इसके फल के रस में लेंड़ी पेपर (पिपली) के चूर्ण मिलाकर शहद के साथ सुबह-शाम प्रतिदिन सेवन करने से अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है| ये सभी अपने-अपने घरों में आसानी से कर सकते हैं.राघवेन्द्र सिंह राय@9424759941.

Posted on: Sep 04, 2018. Tags: HEALTH MP RAGHVENDRASINGH RAI SONG TIKAMGARH VICTIMS REGISTER

सैनिक के घर जा कर मत कहना, संकेतों में समझा देना...देशभक्ति गीत

चिरौंजी लाल कुशवाहा ग्राम-राजापुर, तहसील-निवाड़ी, जिला टीकमगढ, मध्यप्रदेश से है उनकी बेटी जयंती कुशवाहा एक देशभक्ति गीत सुना रही है:
सैनिक के घर जा के मत कहना-
संकेतों में समझा देना-
जब हाल मेरी माता पूछे तो आँखों से नीर बहा देना-
आँखों से नीर बहा देना-
फिर भी मैय्या न समझे तो-
खाली गोद दिखा देना...

Posted on: Sep 02, 2018. Tags: JAYANTI KUSHWAHA MP SONG TIKAMGARH VICTIMS REGISTER

स्वास्थ्य स्वर: गूमा (द्रोण पुष्पी) के पौधे के औषधीय गुण...

जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय आज हम सभी को गूमा या द्रोण पुष्पी के पौधे के औषधीय गुण बता रहे हैं: गूमा (द्रोण पुष्पी) का यह औषधीय पौधा हमारे प्राकृतिक वातावरण में ही हमारे आसपास पाया जाता है, यह औषधि आधे सिर दर्द होने पर (यह दर्द प्रातः काल से शुरू होकर दिन ढलने तक होता है) में काफी उपयोगी है यह तकलीफ होने पर गूमा के पत्ते के कर्क (काढ़ा) बनाकर कपाल (माथा) लेप करने से आराम मिलता है| इसके अतिरिक्त गूमा के पत्तों के रस को 1-1 बूंद नासिका में डालने से भी लाभ मिलता है, यह सरल एवं सुखद घरेलु उपचार है जो सभी कर सकते हैं बहुत प्रभावकारी होता है:वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय@9424759941.

Posted on: Sep 01, 2018. Tags: HEALTH MP RAGHVENDRA SINGH RAI SONG TIKAMGARH VICTIMS REGISTER

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