मेरे सिर पे बही है गंगा धारा...गीत-
जिला-सतना (मध्यप्रदेश) से संदीप कुमार कुसवाहा एक गीत सुना रहे हैं:
मेरे सिर पे बही है गंगा धारा-
कोई चल के बता दो किनारा-
या पार जमुना या पार गंगा-
ऋषियों ने कर दी सहारा-
कोई चल के बता दो किनारा-
या पार जमुना या पार गंगा-
मेरे सिर पे बही है गंगा धारा... (AR)
Posted on: Jul 12, 2020. Tags: MP SANDIP KUSWAHA SATNA SONG VICTIMS REGISTER
उनकी परंपराई रीत निभाना प्यारी बन्नी...बन्नी गीत-
जिला-सताना (मध्यप्रदेश) से संदीप कुमार कुसवाहा एक बन्नी गीत सुना रहे हैं:
उनकी परंपराई रीत निभाना प्यारी बन्नी-
ससुराल जाकर बन्नी सासू को कुछ मत कहना-
अपनी मम्मी जैसी प्रीत निभाना प्यारी बन्नी-
उनकी परंपराई रीत निभाना प्यारी बन्नी-
ससुराल जाकर बन्नी ससुर को कुछ मत कहना-
अपने पापा जैसे प्रीत निभाना प्यारी बन्नी-
उनकी परंपराई रीत निभाना प्यारी बन्नी... (AR)
Posted on: Jul 11, 2020. Tags: MP SANDIP KUSWAHA SATANA SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर-कंठ विकार का घरेलू उपचार...
बैधराज राघवेन्द्र राय जिला टीकमगढ़ मध्यप्रदेश से गला यानि कन्ठविकार के लिये देशी उपचार बता रहें है,कि न्यागार भी कहते है जिसको तेंदुवर भी कहते है, उसके पतों का पाउडर बना लीजिये और आधा चमच चुंड को आधा गिलाश पानी में उबालें| उबालने के उपरांत ठण्डा हो जाने दे भोजन के बाद रात्री में सेवन करें |दो या तीन दिन करेंगे तो आप का कंठ विकार ठीक हो जायेगा|इसके आलवा बुखार है बदन दर्द है पिंडरियो में दर्द है तो उसमे भी लाभकारी शिद्ध होगा | संपर्क@9519520931
Posted on: Jul 09, 2020. Tags: MP RAGHVENDRA RAY SONG SWARA SWASTHYA TIKAMGARH VICTIMS REGISTER
तुम सुन लो गाँव के भईया हो-कागज की बनी रुपैया...गीत
संदीप कुमार कुशवाहा ग्राम शिवली पोस्ट बेल्हाई पंचायत मंकेटर तहसील अमरपटा थाना रामनगर जिला सतना मध्यप्रदेश से गीत सुना रहें है:
तुम सुन लो गाँव के भईया हो-
कागज की बनी रुपैया-
गाँव गाँव मा गाड़ी चल गय –
पदल काउ न हिठया – तुम सुन लो गाँव के भईया हो – कागज की बनी रुपैया-
गाँव गाँव मा बिजली जल गाये-
चिमनी कौन जलाय-
संपर्क न.@9630539067
Posted on: Jul 09, 2020. Tags: KUMAR KUSWAHA MP SANDEEP SATNA SONG VICTIMS REGISTER
स्वस्थ्य स्वर-भंगरा के रस का घरेलू उपचार बता रहे है...
बैध कदरनाथ पटेल ग्राम रनई थाना पटना जिला कोरिया छत्तीसगढ़ से वनों द्वारा भंगरा का औषधि प्रयोग के बारे में बता रहें है, प्रमेह पिंड इस रोग में भंगरा का एक भाग रस तुलसी का पत्ते छीन का पत्ते का पटोल पत्ते एक एक भाग का चुंड मिलाकर तथा कांजी में पीसकर लेप करने से घातक प्रमेह पिंड के रोग को नष्ट कर देता है, इसका उपयोग करें दूसरा नंबर सलिपद रोग यानि हांथी पांव रोग जो एक पैर मोटा हो जाता है इसके पंचाग के लूगी को तेल में मिलाकर अथवा इसके रस से सिलपद रोग को मालिश करने से अत्यंत लाभ हप्ता है ,इस बीमारी को पूरी तरह से नष्ट कर देता है तीसरी बीमारी का नाम अग्निदाक्त अग्नि से जले हुये स्थान पर भंगरे के पत्ते मेहदी और मरवा के पत्ते के साथ पीसकर लेप करने से सिग्र ही लाभ होता है नया मास भरने में उपयोगी है, जब भरण हुआ ठीक होने लगे तब भांगरे पत्ते के रस दो भाग काली तुलसी के पत्र रस एक भाग दिन में दो तीन बार लगाते रहने से जलन ठीक हो जाता है, ओर शरीर पर किसी किस्म दाग ही नहीं पड़ने पता है हाथ पैर और जलन वा शरीर के खुजली इसके स्वरास्क मालिश से लाभ होता है| संपर्क न.@9826040015
