कृष्णा भजन : कभी माखन चुरा लिया कभी पर्वत उठा लिया...
ग्राम-तालदेवरी, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कुश कुमार एक कृष्ण भजन सुना रहें है:
कभी माखन चुरा लिया कभी पर्वत उठा लिया – ओ लल्ला रे. ये क्या गजब किया-
मेरे कान्हा ये क्या गजब किया-
मुझको डरा दिया, मेरे कान्हा ये बताना-
ओ लल्ला रे. ये क्या गजब किया-
कभी मुझको सक होता तू मेरा लाल नही है-
है कोई अवतारी तू ये मेरी बात सही है-
इन्द्र से रक्षा के खातिर तुमने पर्वत उठा लिया-
मेरे कान्हा ये बताना ओ लल्ला रे ये क्या गजब किया...
Posted on: Oct 07, 2019. Tags: KUSH KUMAR RAIGADH CG SONG SONG VICTIMS REGISTER
भजन : ये तो सच है की भगवान है, है मगर फिर भी अन्जान है-
ग्राम- जबलपुर, जिला-रायगढ (छत्तीसगढ़) से दीनानाथ पटेल एक गीत सुना रहे हैं :
ये तो सच है की भगवान है-
है मगर फिर भी अन्जान है-
धरती पे रूप माँ-बाप का-
उस विधाता की पहचान है-
जन्मदाता हैं जो नाम जिनसे मिला-
थामकर जिनकी उंगली है बचपन चला-
कांधे पर बैठ के जिनके देखा जहां-
आप दोनों सलामत रहें है-
आपसे पाया वरदान है-
धरती पे रूप माँ-बाप का-
उस विधाता की पहचान है...
Posted on: Sep 22, 2019. Tags: CG DINANATH PATEL RAIGADH SONG VICTIMS REGISTER
यहां ज्ञान अर्जन करने वाला कोई नहीं है...कहानी-
एक महात्मा बहुत दूर से कथा बांचने के लिये आये| वह प्रतिदिन लोगो को ज्ञान की बात बताता था| कुछ उसे ग्रहण करते थे| कुछ ध्यान नहीं देते थे| उसने सभी से बोला अपने घर में एक मुट्ठी चावल रखना| वह एक दिन तुम्हारे काम आयेगा| उसके बाद वह अपने स्थान को वापस चला गया| दूसरे वर्ष वह महात्मा पुनः उसी स्थान पर आया| वही श्रोता पुनः कथा सुनने गये| कथा शुरु करने से पहले महात्मा ने पूछा मैंने एक मुट्ठी चावल रखने के लिये बोला था| जिन्होंने चावल रखा था, वे खड़े होकर सामने आये| कोई सामने नहीं आया| उसने बोला फिर कथा सुनने का क्या फ़ायदा| तब एक बुजुर्ग महिला उठकर बोली| बेटा मैंने रखा है| लेकिन उठाकर ला नहीं सकी| मेरे साथ चलकर ले आना| महात्मा महिला के झोपड़ी में गया| तो देखा वहां कुछ नहीं था| उसने बोला माता झूठ क्यों बोली| महिला ने कहा| ये संसार भी झोपड़ा की तरह है| श्रोता ऐसे ही रहेंगे| महत्मा ने कथा बचना बंद कर दिया| वह समझ गया यहां ज्ञान अर्जन करने वाला कोई नहीं है|
Posted on: Apr 27, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGADH SONG STORY VICTIMS REGISTER
जल से पतला कौन है, कौन भूमि से भारी...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
जल से पतला कौन है, कौन भूमि से भारी-
कौन अगन से तेज है, कौन काजल से काली-
जल से पतला ज्ञान है, पाप भूमि से भारी-
क्रोध अगन से तेज है, कलंक काजल से काली-
मन भज ले श्री राधे गोविंदा...
Posted on: Mar 30, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGADH SONG VICTIMS REGISTER
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ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता बता रहे हैं, प्रदेश में सवरा एक समुदाय है, जिसे सामान्य वर्ग में शामिल किया गया था, अब सरकार द्वारा उसे आदिवासी समुदाय में शामिल कर लिया गया है, जिससे उस समुदाय के लोग अब आदिवासी जाती प्रमाण पत्र प्राप्त कर पा रहे हैं, जिसके लिए उनके समुदाय ने सरकार को आभार प्रकट किया है, सांथ ही वे सीजीनेट के सहयोग के लिए सीजीनेट के सांथियो को धन्यवाद दे रहे हैं |
