जंगल पहाड़ में रहने वाली आदिवासी महिला...आदिवासी गीत

ग्राम-कवलनार, जिला-दन्तेवाडा, (छत्तीसगढ़) से सोनाली एक आदिवासी गीत सुना रही है:
जंगल पहाड़ में रहने वाली आदिवासी महिला-
लकड़ी के लिए जाने वाली आदिवासी महिला-
आगे बढेंगी आदिवासी महिला....

Posted on: Oct 18, 2017. Tags: SONALI DANTEWADA SONG VICTIMS REGISTER

ओ कान्हा अब तो मुरली की मधुर सुना दो तान...भजन गीत

ग्राम-रामपुर, तहसील-भीमलखेडा, जिला-कटनी (मध्यप्रदेश) से सोनाली राजपूत एक भजन गीत सुना रही हैं :
ओ कान्हा अब तो मुरली की मधुर सुना दो तान-
मैं हूं तेरी दरश दीवानी मुझको तू पहचान-
जब से तेरे संग मैंने अपने नैना जोड़ लिए हैं-
क्या बाबुल क्या मईया सारे रिस्ते तोड़ दिये है-
तेरे मिलन को व्याकुल है कब से मेरे प्राण-
ओ कान्हा अब तो मुरली की मधुर सुना दो तान...

Posted on: Jun 19, 2017. Tags: SONALI RAJPOOT SONG VICTIMS REGISTER

कुर्सी के चक्कर में भईया न आना...कविता

सोनाली राजपूत ग्राम-रामपुर,विकासखंड-ढीमरखेड़ा,जिला-कटनी, मध्यप्रदेश से एक कविता सुना रही है:
कुर्सी न होती तो किस्से न होते-
मेरे देश के इतने हिस्से न होते-
कुर्सी न होती तो ईमान न होता-
आज कोई आदमी बेईमान न होता-
कुर्सी न होती तो दंगे न होते-
लीडर कभी भिखमंगे न होते-
कुर्सी ने भाई से भाई लड़ाए-
कहीं रात-दिन सबने आंसू बहाए-
बड़ा ही सरल है ये कुर्सी का धंधा-
मगर सुनने पर है गले का फंदा-
पते की बात यह सबको बताना-
कुर्सी के चक्कर में भईया न आना...

Posted on: Nov 26, 2016. Tags: SONALI RAJPUT SONG VICTIMS REGISTER

अपने माँ-बाप का दिल न दुखा-दिल न दुखा...गीत

सोनाली राजपूत ग्राम-रामपुर,विकासखंड-ढीमरखेड़ा, जिला-कटनी, मध्यप्रदेश से एक गीत सुना रही है:
अपने माँ-बाप का तू दिल न दुखा-दिल न दुखा-
मेरे आका मेरे मौला मेरे मालिक ने कहा-
बाप के प्यार से अच्छी कोई दौलत क्या है-
माँ का आँचल जो सलामत है तो जन्नत क्या है-
ये जो राजी हैं तो राजी है खुदा-
तेरे माँ-बाप ने शादी भी रचाई तेरी-
इस कदर धूम से बरात सजाई तेरी-
तूने इस अहसान के बदले में उन्हें कुछ न दिया-
अपने माँ-बाप का दिल न दुखा...

Posted on: Nov 15, 2016. Tags: SONALI RAJPUT SONG VICTIMS REGISTER

लूटी गुलशन की कलियाँ तोड़ न जा रे नूर को बैठी...हिन्दी गीत

ग्राम-रामपुर, तहसील-ढीमरगढ़, जिला-कटनी (म.प्र.) से सोनाली राजपूत एक गीत सुना रही हैं:
लूटी गुलशन की कलियाँ तोड़ न जा रे नूर को बैठी-
घटाओ की स्याही में सितारे नूर को बैठी-
नदी की धार जब सुखी माजी हो गई बेबस-
घुटरते सो के दरिया किनारे नूर को बैठी-
लूटी गुलशन की कलियाँ तोड़ न...

Posted on: Sep 08, 2016. Tags: SONALI RAJPUT SONG VICTIMS REGISTER

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