सूना पड़ा है बृजधाम पुकारे सखी आ जाना...गीत-
ग्राम-राजापुर, पोस्ट-लड़वारी, जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से मनोज कुशवाहा एक गीत सुना रहे हैं :
आ जाना, आ जाना-
सूना पड़ा है बृजधाम पुकारे सखी आ जाना-
सब ले ले पुकारे नाम, तुम्हारी सखी आ जाना-
पीछे तेरे रहते हैं सारे स्वामी-
गऊवें है भूखे, बछड़े पीते न पानी-
सूना पड़ा है बृजधाम पुकारे सखी आ जाना...
Posted on: Mar 12, 2019. Tags: MANOJ KUSWAHA MP SONG TIKAMGARH VICTIMS REGISTER
तोता तोता दिया हुंकारा, अमर कथा न सुनी हुमायु, सोच रहे हुंकारा...गीत-
ग्राम-राजापुर, पोस्ट-लड़वारी, जिला-टीकमगढ (मध्यप्रदेश) से मनोज कुशवाहा एक गीत सुना रहे हैं:
तोता तोता दिया हुंकारा, अमर कथा न सुनी हुमायु-
सोच रहे हुंकारा-
अविनासी के नासी कासी अपनी अलख बताई थी-
बैठ गुफा में गोरा जी अमर कथा सुनाई थी-
आज यहां पर कोण तीसरा, गोरा इस वक्त आया है-
चढ़ा क्रोध जब शंकर जी को, कर त्रिशूल उठाया है...
Posted on: Mar 12, 2019. Tags: MANOJ KUSHWAHA MP SONG TIKAMGARH VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : अडुषा के पौधे का औषधीय गुण..
जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेंद्र सिंह राय अडुषा के पौधे का औषधीय गुण बता रहे हैं, अणुषा (बाशा) को उदर कृमि (पेट में कीड़े) रोग को ठीक करने में उपयोग किया जा सकता है| अणुषा के पत्तो के रस में मधु या शहद मिलाकर सेवन करने से पेट के कृमि नष्ट हो जाती है और वह बाहर निकल जाते है चर्म रोग जैसे-दाद खाज खुजली में इसके 20 पत्तो में 10 ग्राम हल्दी चूर्ण और गौमूत्र में पीसकर दाद, खाज, खुजली के स्थान पर लेप लगाने से दाद, खाज, खुजली की समस्या में लाभ होता है अगर किसी को बमन या उल्टी होती है तो अणुषा के पत्तो के रस में मधु अथवा नीबू का रस मिलाकर सेवन करने से लाभ हो सकता है| संपर्क नंबर@9424759941.
Posted on: Mar 04, 2019. Tags: HELTH MP RAGHVENDRA SINGH RAI SONG TIKAMGARH VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : गूंजा या रत्ती के पौधे का औषधीय गुण और प्रयोग-
जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय गुंजा या रत्ती के औषधीय गुणो और उसके उपयोग के बारे में बता रहे हैं, गुंजा के पत्तो और मिश्री को एक साथ चबाकर-चबाकर चूसने से कंठ विकार अर्थात गले की बीमारी में लाभ मिल सकता है,
दूसरा : दांत में कीड़े होने पर गुंजा के जड़ का दातुन के रूप में प्रयोग कर सकते हैं, इसके रस से दांत के कीड़े नष्ट हो सकते हैं, अधिक जानकारी के लिए दिए गए नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : राघवेन्द्र सिंह राय@9424759941.
Posted on: Sep 27, 2018. Tags: HEALTH MP RAGHWENDRA SINGH RAI SONG SWARA SWASTHYA TIKAMGARH VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : नागरमोथा घास के औषधीय गुण और प्रयोग-
जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय नागरमोथा घास के औषधीय गुण को बता रहे हैं, नागर मोथा को गोंदला की जड़ के नाम से भी जाना जाता है, उसके जड़ का उपयोग सिर के बालो को धोने के लिए किया जाता है,
दूसरा: नागरमोथा को तीली के तेल में पकाकर, भृंगराज या घमरा चारा और अवाले के चूर्ण को मिलाकर बालो में लगाने से बाल संबंधी विकार दूर हो सकता है, केवल तीली के तेल में पकाकर भी बाल संबंधी समस्या में उपयोग कर सकते हैं,
तीसरा: घाव हो जाने पर नागरमोथा के जड़ को देशी घी में घिस कर उस स्थान पर लगाने से घाव ठीक हो सकता है : राघवेन्द्र सिंह राय@9424759941.
