वनांचल स्वर : जंगल से कई तरह के भाजी,मशरूम आदि मिलते हैं, हमे जंगल की रक्षा करना चाहिए...
सीजीनेट जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा आज ग्राम-पालनदी, पंचायत-जनकपुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां से गाँव के संतराम और सनीता गावड़े अमर मरावी को बता रहे हैं कि उनका गाँव जंगल से घिरा हुआ है, उस जंगल में अनेक तरह के खाद्य पदार्थ जैसे करील, पोटू आदि तथा कई तरह के भाजी, मशरूम आदि मिलते हैं| फल-फूल, शुद्ध वायु, जड़ी-बूटी जंगल से मिलती है जो स्वास्थ्य के लाभदायक होता है. जंगल से घर बनाने हेतु काष्ट (लकड़ी) भी भरपूर मात्रा में मिलती है इसलिए जंगल की सुरक्षा करना चाहिए जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए भी वह उपयोगी हो सके:
Posted on: Sep 09, 2018. Tags: AMAR MARAVI CG KANKER SONG SWARA VANANCHAL VICTIMS REGISTER
हमारे गाँव में रोड की समस्या है, 20 साल से अधिकारियो को आवेदन दे रहे है, पर कोई सुनते नहीं हैं...
ग्राम-जामकुटनी, पंचायत-बेलगाल, तहसील-पखांजूर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) सुरजूराम दुग्गा बता रहे है कि उनके गाँव में रोड नही बनने से लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कत होती है, बच्चे ठीक से स्कूल नही जा पाते है 35 घर की बस्ती है जनसँख्या लगभग 300 है| गाँव के लोग बीमार व्यक्ति को चारपाई से अस्पताल ले जाते हैं गाड़ी नही आ पाती है, लगभग 20 साल से सम्बंधित अधिकारियों को लगातार आवेदन दे रहे है, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नही हुई| सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद की मांग कर रहे हैं कि दिए गए सम्बंधित अधिकारियों के नम्बरों में अधिक बात कर इस समस्या का समाधान करने में मदद करें: कलेक्टर@9425263044, C.E.O.@7646807645. संपर्क नम्बर@7648087940.
Posted on: Sep 09, 2018. Tags: AMAR MARAVI CG KANKER PAKHANJUR ROAD SONG VICTIMS REGISTER
ओह रे तै तो भीजे रे गोरिया, सावन भादों के जरिया...पारंपरिक कर्मा गीत
ग्राम-बरपटिया, पोस्ट+थाना-रमकोला, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से राजेश आयाम एक पारंपरिक कर्मा गीत सुना रहे है जो भादो के महीने में गाया जाता है:
ओह रे तै तो भीजे रे गोरिया, सावन भादों के जरिया-
का करे भीजे लाली तो पगरिया, तै तो भीजे रे गोरिया-
काकर भीजे रसम डोरिया, तै तो भीजे रे गोरिया-
चौंडा कर भीजे लाली तो पगरिया, तै तो भीजे रे गोरिया-
चंवाडी कर भीजे रसम डोरिया, तै तो भीजे रे गोरिया...
Posted on: Sep 09, 2018. Tags: CG DHANSAI MARAVI KARMA SONG SURAJPUR SURGUJIHA VICTIMS REGISTER
मैना हो मन होगय मोरो रे उदास...गीत
अमर मरावी एक गीत के माध्यम से तोता और मैना के बीच संवाद को प्रस्तुत कर रहे है:
मैना हो मन होगय मोरो रे उदास-
जंगल नई है, झाड़ी नई है, नई है खेती बाड़ी-
गांव ले भगा के हमला करी रे पराई-
ये दुनिया के काम ला देखो नई आय धरमवासी-
जिदगी ला कईसे काटी, कईसे रहिबो संगी-
चल चली संग सहेली मन होगे तंगी-
नरवा में पानी नई है-
कुंवा में पानी नई है कईसे खेती होही-
मैना हो मन होगय मोरो रे उदास...
Posted on: Sep 08, 2018. Tags: AMAR MARAVI MANDLA MP SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : सड़क नहीं है तो हम लोग जंगली देशी जड़ी-बूटियों से बीमारियों का इलाज करते है...
ग्राम-जामकुटनी, पंचायत-बेलगाल, तहसील-पखांजूर, प्रखण्ड-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से सुरजू दुग्गा बता रहे हैं कि उनके गाँव में रोड और नदी पर पुल नही है आने जाने में बहुत परेशानी होती है बीमार हालत में अस्पताल जा नही पाते हैं, इसलिए अधिकतर वे अपने इलाज जंगली जड़ी-बूटी से करते हैं, गाँव में अनेक तरह के गुनिया, वैद्य हैं जो अलग-अलग बीमारियों का इलाज करते हैं| उन्ही के पास से देशी उपचार करवाते हैं, जैसे सांप, बिच्छु, मलेरिया, पेट में दर्द, सर्दी खांसी का पूरा इलाज देशी जड़ी-बूटी से करते हैं इनका असर नहीं होने से अंगरेजी दवाइयों का उपयोग करते हैं, ये सभी औषधीय पेड़-पौधे हमारे जंगल में ही मिल जाता है उनकी सुरक्षा करनी चाहिए...
