वनांचल स्वर : हमारे आस पास मिलने वाले दूब घास के औषधीय गुण-

जिला-टीकमगढ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय दूब घांस के औषधीय गुण बता रहे हैं, दूबा एक घास है इसे दूबी भी कहते हैं, जो कही भी आसानी से प्राप्त हो जाती है, इसे पूजा पाठ के उपयोग में भी लाया जाता है, यदि किसी के नाक के खून बह रहा हो, ये समस्या सामान्यतः गर्मी के दिनों में हो जाता है तब दूबा की पत्ती का रस एक से दो बूंद नाक में डाल दें इससे आराम मिल सकता है, यदि खाज खुजली हो गई हो, तो इसके पंचांग अर्थात जड़ सहित चावल के सांथ पीस कर लेप करने से खुजली की समस्या ठीक हो सकती है, इसके अलावा रस को तेल में मिलाकर घाव पर लगाने से घाव ठीक हो सकता है, अधिक जानकारी के लिए संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@9424759941.

Posted on: Jul 30, 2018. Tags: HEALTH RAGHVENDRA SINGH RAI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

वनांचल स्वर : पलास के औषधीय गुण-

जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय पलास के पौधे जिसके फूल को टेसू भी कहते है, के औषधीय गुण बता रहे हैं, पलास के पौधे को अलग-अलग जगह पर अलग-अलग नाम से जाना जाता है. उपयोगिता: 1- पलास चर्म रोग, खाज खुजली, दाद के लिए उपयोगी है, इसके लिए पलास के बीज को नीबू के रस में मिलाकर पीस ले और शरीर के ग्रसित भाग पर लेप करें, इससे लाभ हो सकता है, 2- उसके बीज को अकवन के दूध में घिसकर लगाने से बिच्छू दंस में लाभ हो सकता है, 3- प्रमेय रोग में पलास के फूल का चूर्ण और मिश्री का चूर्ण एक-एक चम्मच पानी के सांथ प्रतिदिन एक बार सेवन करने से लाभ हो सकता है : संपर्क नम्बर@9424759941.

Posted on: Jul 30, 2018. Tags: HEALTH RAGHVENDRA SINGH RAI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

वनांचल स्वर : बाल की समस्याओं का घरेलू उपचार-

जिला-टीकमगढ़, (मध्यप्रदेश ) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय बाल संबंधी समस्याओं का घरेलू उपचार बता रहे हैं, शिकाकाई एक वृक्ष है जिसमे फल्लिया लगती है, उसकी फल्लियां 100 ग्राम लेकर 400 ग्राम पानी में तब तक उबालें जब तक कि आधा न हो जाए उसके बाद पानी को ठण्डा कर उस पानी से बाल को धोना चाहिए, ऐसा करने से बाल में होने वाले जुए, रुसी साफ़ हो सकती है और बालो की वृद्धि हो सकती है, इस तरह से आप अपने बालो को केमिकल युक्त दवा के प्रयोग किये बिना उपचार कर सकते हैं, अधिक जानकारी के लिए दिए गए नंबर पर संपर्क कर सकते हैं :वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय@9424759941.

Posted on: Jul 28, 2018. Tags: RAGHVENDRA SINGH RAI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

वनांचल स्वर : जामुन के औषधीय गुण-

जिला-टीकमगढ़, बुंदेलखंड (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय आज हम लोगो को जामुन के आयुर्वेद गुणों के बारे में बता रहे हैं, जामुन हमारे आस-पास पाई जाने वाली एक औषधीय वृक्ष है, इसके फल गहरे काले रंग के होते हैं, गर्मियों के दिन में फलते और पकते हैं, फल रसदार, मीठे होते है, पके हुए जामुन खाने से स्टोन (पथरी), मुंह में छाले, पेट में कीड़े, जैसी बीमारी के लिए अच्छा ईलाज है, जामुन के गुठली का चूर्ण बनाकर डायविटीज, शुगर के रोगियों को आधा-आधा चम्मच सुबह-शाम को पानी के सांथ खिलाने से लाभ मिल सकता है, यह हमे आसानी से मिल जाता है, जिसका हमारी आर्थिक जीवन में कोई फर्क नही पड़ता : राघवेन्द्र सिंह@9424759941.

Posted on: Jul 24, 2018. Tags: HEALTH RAGHVENDRA SINGH RAI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

स्वास्थय स्वर : औषधियों का विनाश विहीन विदोहन कर हम प्राकृतिक सम्पदा को बचा सकते हैं-

जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेंद सिंह राय संदेश दे रहे हैं कि हमें प्रकृति से प्राप्त औषधियों का ऐसा उपयोग करना चाहिए, जिससे कि औषधीय का मूल भी बचा रहे, और आगे आने वाली पीढ़ी उसका उपयोग कर सके, इसके लिए हमें किसी भी पेड़ पर लगे फलो को पूरा न तोड़के उसमे कुछ फल छोड़ देना चाहिए, जैसे 100 लगे है तो 60 उपयोग करे और 40 छोड़ दें, दूसरा कारण ये है कि जिस तरह इंसान बीमार पड़ते है वैसे ही जानवर भी बीमार पड़ते है, तब हम अपने पालतू पशुओ का ईलाज कर लेते है, लेकिन वन्य जीव जो जंगल में रहते हैं उनके लिए ये बचे फल ही काम आते है, और जिनका उपयोग नही हो पाता वे पौधे बनते जाते हैं, इस तरह से हम विलुप्त होते औषधियों को भी बचा सकते है |

Posted on: Jul 23, 2018. Tags: RAGHVENDRA SINGH RAI SONG VICTIMS REGISTER

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