मछली जल में तैर रही थी, पड़ा मछुवार की आंख...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
मछली जल में तैर रही थी, पड़ा मछुवार की आंख-
झट जाल फेका उसने, ले आया घर अपने साथ-
काटा धोया खूब रगड़ के, करी तेल में खूब लाल-
मिर्च मसाला रगड़ के पीसा, नमक डाला उसमे स्वाद-
डाली हल्दी काटा प्याज, भुना होते तक उसने लाल-
लहसुन मछली धनिया कटी, कढ़ाई ने किया झनकार...

Posted on: May 06, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

एक माँ जनम देती है, दूसरी माँ पालती...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
एक माँ जनम देती है, दूसरी माँ पालती-
वो माँ मिट्टी का है, फिर भी सभी को दुलारती-
हरी भरी गहना उसकी, हरियाली उसकी शान-
लुटा देती सब कुछ अपना, हो न हो जान पहचान-
जो उसकी सेवा करता, लुटा देती अम्बर-
वो उसे सब कुछ देती, पोथी भर-भर कर...

Posted on: May 06, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

मेघ बनकर बादल छाये, कड़की बादल बारंबार...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
मेघ बनकर बादल छाये, कड़की बादल बारंबार-
चमचम बिजली चमकी, बूंदों की हुई वर्षा-
ताल तलईया हुई लबालब, जब बूंदों की पड़ी फुहार-
पेड़ पौधे झूमने लगे, हुई हवा संग पानी की बौछार-
नदी नाला भर-भर चली, मिलने सागर की ओर-
सागर बांहे पसारे खड़ा, मिला उनसे हो विभोर...

Posted on: May 05, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

आँखों से आंसू छलक रहा था, मन में लिया पिया का प्यार...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
आँखों से आंसू छलक रहा था-
मन में लिया पिया का प्यार-
दूर दराज में बैठा पिया-
आने की थी उसकी इंतजार-
एक प्रतीक्षा करती रहती, खोल अपने आँखों की दिवार...

Posted on: May 05, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

वो बेदर्दी छोड़ गई खा साथ निभाने की कसम...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
वो बेदर्दी छोड़ गई खा साथ निभाने की कसम-
एक पल भी साथ निभा न सकी, तोड़ गई अपना कसम-
नाव मेरा डुबोने को, छोड़ गई मजधार-
भूल गई वो प्यार मेरा जो मैंने किया लाड दुलार-
कभी इठलाती कभी मचलती, पाकर मेरा बाहों का हार-
मेरा दिल तोड़ गई, मुझे गई दूर धुतकार...

Posted on: May 05, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

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