मोर मुटियारी बेटी, मोर दुलरवा बेटी...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे हैं :
मोर मुटियारी बेटी, मोर दुलरवा बेटी-
तै मोला छोड़ चले जाबे-
तितली कसन थिरकत रहे-
बिजली कसन चमकत रहे-
तै मोला छोड़ चले जाबे-
देखत रहे तोरे चूना, सुग्घर दिखत रहिस अंगना के कोना...
Posted on: May 07, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
चाउर ला छरत रहें, लचक गईस मोर कूला...हास्य रचना-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
चाउर ला छरत रहें, लचक गईस मोर कूला-
लकरी ला फोरत रही, मारिस मोर दूल्हा-
मंद ला पी के आईस, मारिस मोर दूल्हा-
ओकर मार देख के भूल गये अपन कूल्हा-
जल्दी-जल्दी गोड ला बढ़ायें लेहे बर गये हें पानी-
आवत रहे बिछल के गिर गये, छिला गये कोहनी छाली...
Posted on: May 07, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
चक्की लोट रही थी, खड़ी कील के संग...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
चक्की लोट रही थी, खड़ी कील के संग-
खुटी घुमा रही थी चक्की के संग-संग-
गेहूं पीस रहा था, चक्की कील खूटी के संग-
हुई धुनाई खूब पिसाई, बना गेहूं से वह आटा-
भीगी खूब मसलाई, खाया खूब वह चाटा-
बेलन आई खूब बेली बन गई घी संग पराठा...
Posted on: May 06, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
सबसे सुंदर देश हमारा, इसकी गोद में ऊँचे ऊँचे पहाड़ पर्वत...कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
सबसे सुंदर देश हमारा, इसकी गोद में ऊँचे ऊँचे पहाड़ पर्वत-
इसकी पाँव पखारता, प्रशांत हिम अरब सागर-
कलकल छलछल नदिया बहती, गंगा जमुना सरस्वती-
झरना कलकल नाद कर रही, कोयल गा रही यहां ही-
मोर पंख पसारे नाच रहा, तीन ऋतु के संग-
शेर भालू उसकी रक्षा करें, हिरण चीतल के रहकर संग...
Posted on: May 06, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
मछली जल में तैर रही थी, पड़ा मछुवार की आंख...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
मछली जल में तैर रही थी, पड़ा मछुवार की आंख-
झट जाल फेका उसने, ले आया घर अपने साथ-
काटा धोया खूब रगड़ के, करी तेल में खूब लाल-
मिर्च मसाला रगड़ के पीसा, नमक डाला उसमे स्वाद-
डाली हल्दी काटा प्याज, भुना होते तक उसने लाल-
लहसुन मछली धनिया कटी, कढ़ाई ने किया झनकार...
